DA Image
24 फरवरी, 2020|11:06|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

...अब तो आंखों के आंसू भी सूख गएः स्वप्नदीप

...अब तो आंखों के आंसू भी सूख गएः स्वप्नदीप

लाहौर विस्फोट कांड के भारतीय आरोपी सरबजीत सिंह की बड़ी पुत्री स्वप्नदीप कौर ने पाकिस्तानी नेतृत्व से पिता के प्रति करूणा की भीख मांगते हुए उन्हें रिहा करने की मार्मिक गुहार लगाई है। पाकिस्तान की सीमा से सटे पंजाब के भिखीविंड गांव में उस समय घोर निराशा छा गई जब बुधवार को सरबजीत की फांसी की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी माफी की याचिका पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा  रिज किए जाने की खबर यहां पहुंची। यह सरबजीत का पैतृक गांव है।


दुखद खबर सुनने के बाद स्वप्नदीप कौर ने कहा कि अब तो हमारी आंखों में आंसू भी सूख गए हैं। कोई हमारे दर्द को महसूस करने वाला नहीं है। अब चीखने चिल्लाने के सिवाय कर भी क्या सकते हैं। उन्होंने कहा कि माफी याचिका खारिज होने से हमारे परिवार की उम्मीदों पर फिर से पानी फिर गया है। हमारे सपने चकनाचूर हो गए है जो पिता की रिहाई को लेकर संजोए थे। वैसे भी हम मर-मर कर ही जी रहे हैं, लेकिन कहीं कोई आस बची थी वह भी बुझती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि मेरे पिता निर्दोष हैं तथा वह ऐसे आदमी हैं जो कभी किसी का नुकसान करने की सोच भी नहीं सकते। उन पर इतना बड़ा इल्जाम कैसे थोप दिया। वह तो खेतों में काम करते समय रात में सीमा पर भटककर उस पार चले गए। इतनी सी भूल ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। उन्होंने कहा कि परिवार पाकिस्तान के राष्ट्रपति के समक्ष क्षमा याचिका दायर करेगा। हमने भारतीय नेतृत्व से भी पाकिस्तान पर दबाव बनाने का अनुरोध किया है।


सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने कहा कि उनका परिवार शीघ्र ही दिल्ली जाएगा और सरबजीत को बचाने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव राहुल गांधी से मिलेगा। दलवीर कौर ने कहा कि अब हमारी आखिरी उम्मीद उन पर टिकी है। यदि इन तीनों ने इस दिशा में थोड़ा भी प्रयास किया तो मेरा भाई फांसी के तख्ते से बच जाएगा। दलबीर कौर ने कहा कि वह पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी से भी सरबजीत का मामला उठाएंगी। वह लगातार उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रही हैं। बर्नी पिछले साल जब उनके परिवार से मिलने यहां आए थे तब उन्होंने पाकिस्तान सरकार के साथ यह मुद्दा उठाने का आश्वासन दिया था।

सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर अपने पर काबू नहीं रख सकी और फूट-फूट कर रोने लगी। उन्होंने कहा कि भगवान हमारी नहीं सुनता। हम कहां जाएं। हम अपने प्रधानमंत्री के साथ पाकिस्तान सरकार से फिर विनती करेंगे कि वह हमारी मदद करें। मनमोहन सिंह से हमें बहुत आशा है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:...अब तो आंखों के आंसू भी सूख गएः स्वप्नदीप