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14 अगस्त, 2020|2:06|IST

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दो टूक

पुलिस महकमे ने अब तय किया है कि पेशेवर व इनामी बदमाशों और माफियाओं के मामले अब फास्ट ट्रैक कोर्ट पेश किए जाएंगे। बड़ा नेक खयाल है। दरअसल सटीक और द्रुत कानूनी पैरवी से ही इन अपराधियों से कायदे से निपटा जा सकता है। कम से कम बिहार का मामला एक नजीर के रूप में सामने है ही।

वहां फास्ट ट्रैक कोर्ट और प्रभावी कानूनी पैरवी के कुछ खुशनुमा नतीजे पूरे देश ने देखे हैं। यूपी में यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था। खैर, देर आयद दुरुस्त आयद। लेकिन एक सवाल अब भी मुंह बाए है। इन शातिर अपराधियों को छांटा कैसे जाएगा? एक सीओ पर एक अपराधी का कोटा लादने का फॉर्मूला क्या वाकई कारगर होगा?