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शासन सख्त, स्कूलों में बदल जएंगे पीटी सिखाने के तरीके

सरकारी स्कूलों में अब न तो पीटी होती नजर आती है और न टीचर बच्चों को तंदुरुस्त रहने के गुर बताते नजर आते हैं। इन स्कूलों में पूरी शारीरिक शिक्षा सिर्फ कागजों में चल रही है। स्पोट्स टीचरों की मनमानी को देखते हुए  शिक्षा निदेशालय ने पहली बार उनकी खबर ली है।

अब से टीचरों को रोजना पीटी तो करानी ही पड़ेगी, वहीं उन्हें बच्चों को नए-नए टिप्स भी सिखाने पड़ेंगे। विभाग ने इसके लिए सभी व्यायाम शिक्षकों को स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। खेल शिक्षा के नाम पर हो रहे मजाक को रोकने के लिए शिक्षा निदेशालय ने सख्त हिदायतें जारी की हैं।

बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में स्पोर्ट्स एजूकेशन की बदतर स्थिति को लेकर सभी जिलों के अफसरों की तगड़ी क्लास ली गई है। दरअसल, शासन को शिकायतें मिल रही हैं कि स्कूलों में पीटी क्लास बिल्कुल बंद ही कर दी गई हैं। व्यायाम कराने को जो टीचर नियुक्त हैं, वे खाली बैठे रहते हैं मगर बच्चों को शारीरिक शिक्षा नहीं देते।

खेल प्रतियोगिताएं भी दिखावे को ही आयोजित की जा रही हैं। इसका असर सीधी तरह स्कूली बच्चों की फिटनेस पर पड़ रहा है। हर कोई जानता है कि नौनिहालों की नींव मजबूत  रखने को उनका पढ़ाई में ही नहीं, खेलकूद में भी फिट होना जरूरी होता है। इसे नजरंदाज करने का मतलब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने जैसा ही है।

शिक्षकों की इस मनमानी को रोकने के लिए निदेशालय ने कमर कस ली है। जल्द ही पूरे प्रदेश में खास पीटी सिस्टम लागू किया जाने वाला है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को पीटी का नया ढंग समझया जाएगा।

जिसके बाद पूरे प्रदेश में एक जैसा पीटी सिस्टम लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि टीचर व्यायाम शिक्षा देने में लापरवाही बरतेंगे तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय एक्शन लिया जाएगा।

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  • Web Title:बच्चों को सिखाने पड़ेंगे सेहतमंद रहने के गुर