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21 फरवरी, 2020|6:16|IST

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सड़े-गले फलों को किया गया नष्ट

एपेडेमिक एक्ट के तहत बुधवार को शहर में बिक रहे सड़े-गले फलों व दूषित खाद्य-पदार्थो को नष्ट किया गया। नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मिलकर अभियान चलाया। टीम को देखकर रेहड़ी पर दूषित खाद्य व पेय पदार्थ बेचने वालों में हडकंप मच गया।

इन दिनों शहर में जगह-जगह पर सड़े-गले फलों व दूषित पेय पदार्थो की ब्रिकी धड़ल्ले से हो रही है। नतीजतन, गर्मी के मौसम मे खाने-पीने की दूषित चीजों का सेवन करने से शहरवासियों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। इसी के चलते जिला स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम ने मिलकर दूषित खाद्य-पदार्थो को नष्ट करने का अभियान चलाया है।

एपेडेमिक एक्ट के तहत अभियान की शुरूआत बुधवार को न्यू रेलवे रोड, ओल्ड रेलवे रोड, बस स्टैंड से की गई। पांच सदस्यीय टीम ने इन जगहों पर रेहड़ी लगाकर सड़े-गले फलों, गन्ने का जूस व अन्य दूषित पेय पदार्थ और सड़क किनारे छोले भटूरे बेचने वालों पर शिकंज कसा।

कई विक्रेताओं को दोबारा दूषित पदार्थों को न बेचने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। जबकि दजर्नों की तादाद में रेहड़ी में बिक रहे दूषित खाद्य-पदार्थों को नष्ट किया गया। फूड इंसपेक्टर पृथ्वी सिंह के अनुसार अभियान के पहले दिन शहर की तीन जगहों पर खाद्य-पदार्थों की जांच की गई।

गर्मी के मौसम को देखते हुए अब अभियान जारी रहेगा। फूड इंसपेक्टर के अलावा टीम में नगर निगम के सेनेटरी इंसपेक्टर हरीश मेहता, हेल्थ सुपरवाईजर जयवीर सिंह सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी शामिल थे।

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