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31 मई, 2020|4:28|IST

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सत्येंद्र हत्याकांड में विजय की भूमिका पर संदेह

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूर्व सांसद विजयकृष्ण के व्यवहार से दुखी हैं। दुख का कारण यह है कि सत्येंद्र हत्याकांड में श्री कृष्ण ने उन्हें अंधेरे में रखा। सबसे पहले उन्होंने ही मुख्यमंत्री को सत्येंद्र के अपहरण की सूचना दी थी। उसके बाद वे एक अर्णे मार्ग गए। पूर्व सांसद के कहने पर ही मुख्यमंत्री ने सत्येंद्र की जल्द रिहाई में अपनी दिलचस्पी दिखाई।

सूत्रों ने बताया कि श्रीकृष्ण की मौजूदगी में ही मुख्यमंत्री निवास में एडीजी स्तर के एक अधिकारी को बुलाया गया। विजयकृष्ण को बताया गया कि वे अधिकारी को घटना का ब्योरा दें। पूर्व सांसद ने पहली बार कहा कि सत्येंद्र का अपहरण हुआ है। अधिकारी का सवाल था कि दावे के साथ आप कैसे कह सकते हैं कि सत्येंद्र का अपहरण ही हुआ है। उनका कारोबार कई जगहों पर है। हो सकता है कि वे कारोबार के सिलसिले में कहीं गए हों।

कुछ देर बाद पूर्व सांसद ने कहा कि हो सकता है कि अपहरण करनेवाले अपराधी सत्येंद्र की हत्या कर दें। उस समय अधिकारी ने माना कि सत्येंद्र जैसे करीबी के गुम होने के कारण विजयकृष्ण बदहवास हो गए हैं। इसी बदहवासी में वे तरह-तरह की आशंका जाहिर कर रहे हैं।

लेकिन, अब जबकि पूरा मामला साफ हो गया है, पुलिस के आला अधिकारी भी मान रहे हैं कि सत्येंद्र की हत्या की जानकारी विजयकृष्ण को थी। सत्ता के प्रभाव से वे इस मामले को दबाना चाह रहे थे। लेकिन मुख्यमंत्री ने इस मामले में उनकी कोई मदद नहीं की। सरकार ने सत्येंद्र प्रकरण में पुलिस को खुली छूट दे रखी है।

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  • Web Title:विजय ने सीएम को भी अंधेरे में रखा