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बोधगया और नालंदा पर कड़ी नजर

चुनावी तापमान नियंत्रित होते ही स्वास्थ्य विभाग ने स्वाईन फ्लू के संभावित खतर से निबटने की तैयारी कर ली है। नेपाल और पड़ोसी राज्यों से सूबे में आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों पर निगाह रखने का फरमान जारी किया गया है। सभी जिलाधिकारियों और सिविल सर्जनों को अपने जिले में अवस्थित होटलों पर निगाह रखने की हिदायत दी गई है। राज्य सरकार का मानना है कि सूबे में पर्यटकों की मार्फत ही स्वाईन फ्लू आ सकता है। ऐसे में गया, बोधगया, राजगीर, पावापुरी, वैशाली, नालन्दा समेत सभी पर्यटन क्षेत्रों पर खास नजर रखने का इंतजाम किया गया है।ड्ढr ड्ढr विभागीय प्रधान सचिव बी.पी. शर्मा ने एहतियात के तौर पर सभी छह मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में ऐसे मरीजों की खातिर अलग से भर्ती की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। मेडिकल कॉलेजों में 10 और जिला अस्पतालों में 6 बेड अलग लगाये गये है। उपचार के लिए 10000 टॉमी फ्लू दवा केन्द्र से मंगा ली गई है। भर्ती करने की अवस्था में बचाव वाले 500 प्रोटेक्िटव किट की व्यवस्था भी हो गई है। वैसे तो सूबे के पटना या गया एयरपोर्ट पर एक भी अंतर्राष्ट्रीय जहाज नहीं उतरता है पर चार्टड प्लेन के उतरने की आशंका में वहां भी निगाह रखी जा रही है। रक्सौल और जोगबनी के अन्तर्राष्ट्रीय चेकपोस्ट से बिहार प्रवेश करने वाले यात्रियों की पिछले दस दिनों की भ्रमण र्पिोट ली जा रही है। जिला स्तर के डाक्टरों को स्वाईन फ्लू की जानकारी देने के लिए बुधवार को वीडियो कांफ्रंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। राज्य स्तर पर रैपिड रसपॉन्स टीम का गठन करते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। ड्ढr 27-28 मई को डीएसई की समीक्षा बैठकड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। चुनाव खत्म होते ही शिक्षा विभाग दूसर चरण के शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाने में जुट गया है। जिन शिक्षक अभ्यर्थियों को चयन पत्र हासिल हो गया है उनके प्रमाण पत्रों और डिग्रियों के सत्यापन की समीक्षा के लिए विभाग ने 27 मई को जिला शिक्षा अधीक्षकों की राज्यस्तरीय बैठक बुलाई है। बैठक में सभी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक भी शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक विभाग ने सभी डीएसई को अब तक जांच हुए प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट साथ लाने का निर्देश दिया है। विभाग की योजना दूसर चरण में बहाल होने वाले लगभग हजार शिक्षकों की तैनाती नए शैक्षिक सत्र से करने की है। काउंसलिंग में सफल रहे अभ्यर्थियों को चयन पत्र जारी कर दिया गया है। तय हुआ था कि उनके प्रमाण पत्रों की जांच के बाद उनको नियोजन पत्र दे दिया जाएगा। सत्यापन का काम शुरू ही हुआ था कि लोकसभा चुनाव की घोषणा हो गई और आदर्श आचार संहिता के फेर में पड़कर यह प्रक्रिया वहीं अटक गई। अब विभाग को मिल रही सूचना के अनुसार सत्यापन की रफ्तार काफी धीमी है। डीएसई की बैठक 28 मई को भी होगी और उस दिन बिहार शिक्षा परियोजना के कार्यो की समीक्षा होगी।ं

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