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एजुकेशनसंभलकर लें गारंटी

लाइव हिन्दुस्तान टीम
Sun, 14 Jun 2009 09:42 PM
संभलकर लें गारंटी

आज के दौर में बैंक से पर्सनल लोन लेना पहले जितनी मुश्किल नहीं रह गया है। बस थोड़ी सी कागजी कार्यवाही के बाद लोन मिलने में ज्यादा दिक्कतें नहीं आती। लोन लेने की प्रक्रिया में बैंक धारक से गारंटर मांगता है।

लोन लेने वाले की तरह ही गारंटर की पूरी जानकारी फॉर्म में दी जाती है जैसे उसके घर का पता, टेलीफोन नंबर इत्यादि। हो सकता है कि आप भी अपने किसी मित्र, रिश्तेदार के लोन के गारंटर हों, लेकिन भले ही वह आपका मित्र हो या कोई सगा-संबंधी, उसके लोन गारंटर बनने से पहले कुछ बातों पर जरूर गौर कर लें।

- लोन देने से पहले बैंक गारंटर इसलिए बनाता है ताकि लोन वाले व्यक्ित के पैसे अदा न करने पर वह गारंटर से उसके पैसे अदा करने के लिए दबाव बना सके। साथ ही वह धारक से पैसे अदा करवाने के लिए दबाव बनवा सकता है।

- अगर आप किसी का लोन चुकाते हैं, तो उसे टैक्स में छूट के दायरे में नहीं माना जएगा क्योंकि यह लोन आपका नहीं है और इसे लोन लेने वाले के न चुकाने की स्थिति में आप अदा कर रहे हैं।

- क्रेडिट ब्यूरो ऑफ इनफॉरमेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड देश के तकरीबन 147 बैंकों से लोन लेने वाले, गारंटर का आंकड़ा रखती है। ऐसे में आपके गारंटर होने का रिकॉर्ड एक जगह रहता है। साथ ही व्यक्ित के लोन अदा न करने पर धारक के गारंटर पर कानूनी कार्रवाई भी की ज सकती है।

- अगर आपको भविष्य में लोन लेना है, तो गारटंर बनने से पहले एक बार सोचिए, क्योंकि लोन लेने के दौरान कंपनियां गारंटर वाले फैक्टर को जेहन में रखेंगी।

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