DA Image
19 जनवरी, 2020|2:13|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पाक मीडिया : सबसे बड़े आतंकवादी पर इनाम

अमेरिकी सरकार ने तहरीक-ए-तालिबान के अमीर बैतुल्ला महसूद के बार में खबर देने के लिए 50 लाख डॉलर इनाम का ऐलान कर दिया। अब यह समझा जा सकता है कि अमेरिका इसे कितना खतरनाक आतंकवादी मानता है। बैतुल्ला, ओसामा बिन लादेन और अलकायदा के मुख्य नेताओं में घनिष्ठ संबंध माने जाते हैं। अगर पाकिस्तान में कोई सबसे बड़ा आतंकवादी है तो यही है। इस आदमी को बेनजीर भुट्टो के कत्ल का आरोपी भी माना जा रहा है और इस केस में वारंट भी जारी है। ‘दि न्यूज’ के सम्पादकीय के मुताबिक यह आश्चर्यजनक है कि बैयतुल्ला धड़ल्ले से घूमता है और प्रेस कांफ्रेंस भी करता है, लेकिन किसी को उसकी जगह के बार में कोई जानकारी नहीं होती। पत्र ने कहा है कि हाल ही में उसने एक प्रेस कांफ्रेंस की और उसमें प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार शामिल हुए, जिनके पास कम से कम सेलफोन तो थे फिर भी जगह का पता नहीं चला। पत्र के मुताबिक पिछले डरोन हवाई हमलों में अमेरिका बैयतुल्ला पर हमले से गुरा करता रहा है। पर अब लगता है कि वह अमेरिका की हिट लिस्ट में शामिल हो गया है। अब जबकि इतना बड़ा इनाम सामने आया है तो यह देना होगा कि बैयतुल्ला कितनी देर अपने आपको बचा पाएगा, जबकि बहुत से मीडिया वालों को उसके छुपने वाले स्थानों का पता है। जो भी हो बैयतुल्ला की आतंकवादी कार्रवाइयां जारी हैं और अब यह भी ख्याल किया जाता है कि मैरियट होटल, इस्लामाबाद पर हमले जसा कोई और हमला जल्दी ही होने वाला है। प्राय: सभी मीडिया ने इंटेलीजेंस की चेतावनी की यह खबर कि बैयतुल्ला के आतंकवादियों की एक टीम जिसमें कम से कम 20 उाबेक आतंकवादी शामिल हैं, अब पाकिस्तान के बड़े शहरों में तबाही मचाने के लिए भेज दिए (महसूद की ओर से) गए हैं। ब्रिटेन की एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में करीबन 75 प्रतिशत आतंकवादी घटनाओं में पाकिस्तान से जुड़े हुए ब्रिटिश नागरिक शामिल थे। ब्रिटेन को अब यह खतरा सता रहा है कि आतंकवादी ज्यादा पढ़े-लिखे और उच्च तकनीकी के जानकार हैं। यानी अब ब्रिटेन ने बायोलॉजिकल, कैमिकल और न्यूक्िलयर हमलों से बचने की नीति अपना ली है। अपने सम्पादकीय में ‘दि न्यूज’ ने इसे एक और तरफ से उंगली उठने की संज्ञा दी है। पत्र ने आगे लिखा है कि इससे ज्यादा खतरा तो हमको भी है पर ब्रिटेन की सरकार कदम उठा रही है और अपनी सरकार केवल बातें। एक ओर नया आतंकवादी ग्रुप बलूच रिपब्लिकन आर्मी (ािसने राष्ट्र संघ के एक अधिकारी का अपहरण कर रखा है और उसे छोड़ने के लिए हाार से ज्यादा बलूचों की रिहाई की मांग की है), ने अब महिला आतंकवादियों द्वारा हमलों का सिलसिला शुरू किया है। क्वेटा के एक कॉफी हाउस के बाहर महिला आतंकवादियों ने बम चलाया जिसमें कई लोग जख्मी हुए। ‘दि न्यूज’ ने इसे एक खतरनाक शुरुआत बताया है क्योंकि बुरके में महिलाओं को पकड़ना बहुत मुश्किल है। पत्र ने कहा है कि बलूचिस्तान में समस्याओं का हल अब और लटकाना नहीं चाहिए। नई सरकार ने पिछले एक साल में बातें तो बहुत की हैं पर असल काम नहीं हुआ। जजों के विवाद के खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री ने बलूचिस्तान का दौरा किया। यहां के लोग कई मुद्दों पर पाकिस्तान सरकार से नाराज हैं। ‘डॉन’ के मुताबिक सिंध हाईकोर्ट ने जनरल (रिटायर्ड) परवेज मुशर्रफ, उनके सलाहकार शरीफुद्दीन पीराादा और भूतपूर्व अटार्नी जनरल मलिक मुहम्मद कयूम को संविधान का उल्लंघन करने के केस में 14 अप्रैल 200तक हाजिर होने के लिए कहा है। फैसला शायद मुशर्रफ के हक में हो जाए पर यह केस उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट में आ जाए। तब क्या होगा कौन जाने। इसी तरह मुशर्रफ द्वारा दिए हुए नेशनल रिकैंसिलेशन आर्डर (एनआरओ) जिस की बिना पर आसिफ अली जरदारी और बेनजीर भुट्टो के खिलाफ केस लौटा लिए थे, के खिलाफ भी केस कोर्ट में है और सुप्रीमकोर्ट के पास आएगा। तब क्या होगा? मीडिया अब राष्ट्रपति की ओर देख रहा है कि वह अपनी संविधान संशोधन धारा 58 (2बी) की ताकत को संसद को लौटाएंगे या नहीं। पीपीपी सूत्रों के हवाले से यह माना जा रहा है कि यह अब हो सकता है। पर राष्ट्रपति अपनी गवर्नर और फौा के चीफ इत्यादि को बर्खास्त करने की ताकत अपने पास ही रखेंगे। ‘दि न्यूज’ में इसका स्वागत करते हुए कहा है कि राष्ट्रपति को गवर्नर तथा फौा चीफ को बर्खास्त करने की ताकत अपने पास रखने के लिए संसद से सलाह जरूर लेनी चाहिए। जरदारी जो शरीफ और चौधरी के किस्से से कमजोर पड़ गए हैं, आसानी से कुछ न होने देंगे। समाचार यह भी है कि अमेरिका अब नवाज शरीफ की ओर झुक रहा है। आगे जो भी हो खेल काफी रोचक हो गया है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title: पाक मीडिया : सबसे बड़े आतंकवादी पर इनाम