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22 फरवरी, 2020|3:59|IST

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वैट का रिटर्न ऑनलाइन फाइल करने का दवा व्यवसाइयों ने कड़ा विरोध किया

दवाओं पर आधा प्रतिशत सरचार्ज और वैट का रिटर्न ऑनलाइन फाइल करने का दवा व्यवसाइयों ने कड़ा विरोध किया है। व्यवसाइयों के संगठन केमिस्ट एवं ड्रगस्टिस फेडरेशन उत्तर प्रदेश ने कहाकि यह आदेश सिर्फ दवा व्यापारियों को परेशान करने के लिए हैं।

संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर 15 दिनों में दोनों आदेश वापस नहीं लिए गए तो पूरे प्रदेश में व्यापारी आंदोलन करेंगे। जिमखाना क्लब में गुरुवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संगठन के महामंत्री सुरेश गुप्ता ने कहा कि दवाओं पर आधा फीसदी सरचार्ज बढ़ा दिया गया। जबकि सभी राज्यों में दवाओं पर चार प्रतिशत कर लिया जाता है।

सरचार्ज बढ़ाने से दूसरे राज्यों से दवाओं की कालाबाजरी का अंदेशा है। सस्ती दवा के नाम पर बाजर में खराब दवाएँ भी सकती हैं। उन्होंने कहाकि फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के आदेश के मुताबिक वैट का रिटर्न आनलाइन फाइल करना मुमकिन नहीं है। क्योंकि सभी जगहों पर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

जरूरी नहीं कि सभी मेडिकल व्यवसाई इंटरनेट से जुड़े हों। उन्होंने कहा कि दवा दुकानदारों को कम्प्यूटर में स्टाक दर्ज करने का भी आदेश दिया गया है। कम्प्यूटर में दर्ज स्टाक से अधिक स्टाक पाए जाने पर उसे अवैध माना जाएगा और व्यवसाई के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उनके मुताबिक यह काफी मुश्किल काम है। क्योंकि जो दवाएँ लोग वापस करते हैं उन्हें स्टाक में जोड़ना और काटना काफी मुश्किल है।

संगठन के अध्यक्ष दिवाकर त्रिपाठी ने कहाकि स्टाक बुक मेनटेन करने के लिए कम्प्यूटर को अनिवार्य बनाया जाना न्यायसंगत नहीं है क्योंकि कुछ ऐसे भी दुकानदार है जिनके पास इतने पैसे नहीं कि वह कप्यूटर खरीद सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आदेश वापस नहीं हुआ तो 15 दिनों बाद पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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  • Web Title:दवा व्यापारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी