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मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव बने करियर काउंसलर

मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव अगर करियर की बातें करते नजर आ जाए तो, चौकिएगा नहीं। शहर के कॉलेज परिसर के बाहर ये एक्जीक्यूटिव करियर काउंसलर की भूमिका निभा रहे हैं। इनमें से बामुश्किल कोई ग्रेजुएट है। कई तो अंगूठा टेक हैं।इसके बावजूद मंझे हुए काउंसलर की तरह जॉब ओरिएंटेड कोर्स के बारे में छात्रों को गाइड कर रहे हैं।
छात्रों द्वारा कोर्स के बारे में पूछने पर टेप की तरह शुरू हो जाते हैं। परिसर के अंदर छात्रों की गहमागहमी तो बाहर नामचीन इंस्टीटच्यूट के रंग-बिरंगे स्टॉल आर्कषण का केन्द्र बने हुए हैं। अंदर जाते और बाहर आते छात्रों पर इंस्टीट्यूट के मार्कटिंग एक्जीक्यूटिव टूट पड़ते हैं। फिर शुरू होता है छात्रों को समझाने का सिलसिला। रेग्यूलर के साथ कौन सा कोर्स मुनासिब होगा। ताकि ग्रेजुएशन के बाद बेहतर नौकरी मिल जाए। यह हाल केवल एक कॉलेज का नहीं, सभी के बाहर इस तरह का दृश्य आम है। अधिक छात्रों को आकर्षित करने के लिए इंस्टीटयूट संचालकों ने पूरी टीम लगा रखी है। ब्राउशर को आर्कषक कलर में छपवाया गया है।

इसमें कोर्स के फायदे से लेकर नौकरी तक की गारंटी दर्ज है। नेहरू कॉलेज परिसर के बाहर एक दजर्न इंस्टीटयूट का स्टॉल लगा है। आईआईएचटी के स्टॉल पर ओमवीर छात्रों को नेटवर्किग में भविष्य के फायदे गिना रहे हैं। वे कहते हैं कि बारहवीं के बाद छात्रों में ऊहापोह की स्थिति होती है। सभी इंस्टीटयूट तक नहीं पहुंच सकते। स्टॉल लगाकर इंस्टीटयूट और कोर्स के बारे में छात्रों को जानकारी दी जा रही है। एयर होस्टेस से लेकर कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर बनने की जानकारी मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव दे रहे हैं। नेहरू कॉलेज में प्रोस्पेक्टस के आए कमलेश ने बताया कि कॉमर्स के साथ रिलेटेड सब्जेक्ट में शॉर्ट टर्म कोर्स करना है। परिसर के बाहर इंस्टीटयूट के लगे स्टॉल से सुविधा हुई है। कोर्स संबंधित जानकारी के लिए इंस्टीटयूट का चक्कर नहीं लगना पड़ेगा।

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  • Web Title:मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव बने करियर काउंसलर