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तौफीक इंडियन ओपन चैंपियन

तौफीक हिदायत के सेमीफाइनल में लाजवाब और यादगार खेल को देखने के बाद जो बैडमिंटनप्रेमी फाइनल देखने आए थे, उन्हें वो रोमांच नहीं मिल सका। दोनों के बीच इंडिया ओपन गोल्ड ग्रा. प्री. के फाइनल में जोरदार भिड़ंत होने की उम्मीद थी लेकिन मोहम्मद हफीा हाशिम जोरदार चुनौती पेश नहीं कर सके। इसके साथ ही दुनिया के सातवें नंबर के खिलाड़ी और यहां दूसरी वरीयता के तौफीक ने उन्हें बिना जोर लगाए 21-18, 21-1से शिकस्त देकर दूसर इंडिया ओपन गोल्ड ग्रा. प्री. का पुरुष सिंगल्स खिताब जीत लिया। यहां गची बाउली में रविवार को सम्पन्न हुए 1,20,000 हॉलर के टूर्नामेंट में खेले गए फाइनल मुकाबलों में महिला सिंगल्स का खिताब फ्रांस की पी होंगयान ने मलयेशिया की वोंग जूलिया पेई जियान को 17-21, 21-15, 21-14 से पराजित करके अपने नाम किया। दूसरी ओर स्थानीय दर्शकों को तब निराशा हाथ लगी जब ज्वाला गुट्टा-वी. दीजू की जोड़ी घरलू समर्थकों की मौजूदगी के बावजूद मिक्स्ड डबल्स में अपेक्षित चुनौती पेश नहीं कर सकी। उन्हें इंडोनेशियाई जोड़ी वीता मारिसा-फ्लैंडी लिम्पेले ने आसानी से 21-14, 21-17 से हरा दिया। अपना पहला गोल्ड ग्रा. प्री. फाइनल खेल रही भारतीय जोड़ी दोनों गेम में कई गलतियां कीं। मलयेशियाई जोड़ी के सामने वह कमजोर साबित हुई। पहला गेम हारने के बाद दूसर में तो मेजबान जोड़ी एक वक्त 17-13 से आगे थी और लग रहा था कि विजेता का फैसला तीसर गेम से होगा। लेकिन उसकी के बाद भारतीय जोड़ी ढीली पड़ गई। इसका विपक्षी जोड़ी ने फायदा उठाया। रैलियों में भारतीय खिलाड़ी कमजोर पड़ रहे थे। एसे में मलयेशियाई जोड़ी ने लगातार आठ प्वाइंट लेकर खिताब अपने नाम कर लिया। ज्वाला ने बाद में कहा, हम अच्छा खेले लेकिन विपक्षी हमसे ज्यादा अच्छा खेले। हमने 17-13 के स्कोर पर धैर्य खो दिया और जल्दीबाजी में प्वाइंट गंवाते हुए मैच से दूर हो गए। उन्होंने कहा, अब हम ज्यादा सुपर सीरीा पर ध्यान देंगे ताकि और रैंकिंग प्वाइंट हासिल कर सकें। पिछले साल अक्तूबर में मकाऊ ओपन जीतने के बाद से पांच सुपर सीरीा में शानदार प्रदर्शन करने वाले तौफीक को ली चोंग वेई के बाहर होने के बाद से ही खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। दूसरी ओर जनवरी 2007 के बाद से किसी भी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक नहीं पहुंचे मलयेशिया के मोहम्मद हफीा हाशिम का दावा उनके खिलाफ काफी कमजोर था। पूर्व विश्व और ओलंपिक चैंपियन ने दोनों गेम में कुल 14 विनर स्मैश लगाए। पहले गेम में तौफीक हिदायत हालांकि 4-5 से पिछड़ रहे थे लेकिन फिर उन्होंने दो बार लगातार पांच-पांच प्वाइंट लेकर 13-6 की बढ़त कायम कर ली। दोनों ने अटैक से ज्यादा डिफेंस पर ध्यान दिया। तौफीक ने इसके बार में कहा, उसके (हफीा) स्मैश तेज आ रहे थे। एसे में उसे नेट पर रखना बेहतर था। एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने सोमवार को मुंबई जा रहे तौफीक ने अपनी जीत के बार में कहा, ये मेरा पहला इंडिया ओपन है और उसी में जीतने की खुशी है। साथ ही यहां दर्शकों का सपोर्ट बहुत अच्छा रहा जो मेर लिए हैरानी की बात है। महिला डबल्स का खिताब चीन की मा जिन-वैंग जियाओली ने जीता जबकि पुरुष डबल्स का खिताब नलयेशियाई जोड़ी चोंग तैन फुक-ली वैन वेह ने जीता।

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  • Web Title: तौफीक इंडियन ओपन चैंपियन