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9 जुलाई, 2020|4:33|IST

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भारत के लिए ‘तुरुप का पत्ता’ साबित हो सकते हैं ओझा

भारत के लिए ‘तुरुप का पत्ता’ साबित हो सकते हैं ओझा

भारत के युवा स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा टी-20 विश्व के खिताब की रक्षा की मुहिम में टीम इंडिया के लिए ‘तुरुप का पत्ता’ साबित हो सकते हैं।

शानदार फॉर्म में चल रहे ओझा को अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह के रहते अंतिम-11 में जगह मिलना मुश्किल लग रहा है लेकिन चूंकि वह कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की पहली पसंद हैं, लिहाजा हरभजन के लिए मुश्किल का सबब बने रहेंगे।

ओझा ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में संपन्न इंडियन प्रीमियर लीग  के दूसरे संस्करण के दौरान डेक्कन चार्जर्स के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 18 विकेट अपने नाम किए थे। आईपीएल के दौरान दो मौकों पर वह अपनी टीम को जीत के करीब ले गए थे।

ओझा की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि वह दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं। इस लिहाज से ‘कमजोर’ टीमों के खिलाफ उन्हें भले ही मौका न मिले लेकिन मजबूत टीमों के खिलाफ उन्हें मैदान में उतारा जा सकता है। इसके लिए कप्तान को दो स्पिनरों के साथ खेलना पड़े तो भी वह नहीं हिचकेंगे।

इंग्लैंड की पिचें अगर स्पिनरों के लिए मददगार साबित हुईं तो ओझा के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी आ सकती है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत कम खिलाड़ियों ने उनकी गेंदों का सामना किया है।

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