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बिहार में बदली-बदली सी रहीं माया

मायावती ने बसपा के ‘बिहार समर’ का आगाज भागलपुर से किया। यूपी में आजमाए सोशल इंजीनियरिंग फॉमरूले के साथ ‘मिशन बिहार’ के तहत यहां के ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड में जनसभा में माया सौम्य, शांत, सहा दिखाई दीं। कोसी और पूर्व बिहार क्षेत्र के अपने सभी प्रत्याशियों की मौजूदगी में माया जब मंच पर आईं तो उनके पैर छूने की होड़ नहीं लगी। परिचय कराए जाते वक्त सिर्फ एक उम्मीदवार ने उनके पैर छूए। यह भी माया में बदलाव का संकेत है। उन्होंने दब्बूपन को निकाल फेंक उन्हें कुछ नया सोचने-करने का संदेश दिया। उन्होंने अपने 45 मिनट के भाषण में किसी प्रतिपक्षी नेता का नाम नहीं लिया- न मनमोहन, न सोनिया, न आडवाणी। बिहार के किसी नेता व दल का नाम भी नहीं। शायद यह संदेश था कि वह किसी से आक्रांत नहीं। फिर, सतीश मिश्रा को आगे कर उनका परिचय कराकर उन्होंने ‘सर्वजन’ की पुराोर वकालत की।

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