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चीनी हैकरों ने 103 देशों से खुफिया सूचनाएँ उड़ाईं

चीन से नियंत्रित एक साइबर जासूसी नेटवर्क ने 103 देशों की सरकारों और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ितयों के कम्प्यूटरों में घुसपैठ कर महत्वपूर्ण सूचनाएँ चुरा ली हैं। हैकरों की घुसपैठ के शिकारों में दलाई लामा और अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास भी हंै। साइबर जासूसों की इस करतूत ने पूर विश्व को हिला कर रख दिया है, हालाँकि यह जासूसी किसके लिए और क्यों की गई है इसका पता नहीं लग सका है। कनाडा की कपंनी इंटरनेट वार फेयर मॉनीटर इस नेटवर्क की जाँच कर रही है। कंपनी के मुताबिक, हैकरों ने नाटो के कम्प्यूटरों को भी नहीं बक्शा, लेकिन उन्हें अमेरिकी सरकार के कार्यालयों में घुसने में कामयाबी नहीं मिल पाई। टोरंटो विश्वविद्यालय के इन अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार यह नेटवर्क चीन से ही संचालित हो रहा है, लेकिन उन्होंने इस सवाल पर टिप्पणी से इनकार कर दिया कि इसमें चीन की सरकार की कोई भूमिका है। उन्होंने बताया कि दो साल से चल रहे इस नेटवर्क ने अब तक 1300 कम्प्यूटरों को हैक किया है। इनमें विभिन्न देशों में मौजूद दूतावास, विदेश मंत्रालय, सरकारी कार्यालय और निजी कंपनियाँ शामिल हैं। घोस्ट नेट के नाम से चल रहे इस साइबर जासूसी नेटवर्क के निशाने पर मुख्य रूप से दक्षिण एशियाई देश और और वहाँ की सरकारं रहीं हैं। इस घुसपैठ का भंडाफोड़ तब हुआ जब दलाई लामा के कार्यालय ने अपने कंप्यूटरों पर गलत सॉफ्टवेयर से संकेत देख टोरंटो विश्वविद्यालय से विशेषज्ञों से इनकी जाँच करने को कहा।

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