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23 फरवरी, 2020|2:25|IST

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लोकसभा सांसद बन चले गए इनके सभापति

विधानसभा की पांच समितियों का पुनर्गठन होगा। इन समितियों के सभापति इस बार लोकसभा का चुनाव जीत गए हैं। अब सत्ताधारी दल के साथ-साथ विपक्षी दल के भी विधायकों की नजर सभापतियों के खाली होने वाले पद पर है। मंत्री पद के बाद इन समितियों के सभापति के पद खास महत्व रखते हैं। अभी विधानसभा में कुल 21 समितियां है जिनके सभापति पद पर सत्ताधारी दल और विपक्षी दल के प्रमुख विधायक काबिज हैं।

विधानसभा की कृषि उद्योग विकास समिति के लिए भी अब नये सभापति की जरूरत होगी। इसके सभापति जगदानंद सिंह बक्सर से लोकसभा का चुनाव जीत गए हैं। रमई राम पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष थे लेकिन चुनाव से पहले उन्होंने दल बदल लिया और राजद से कांग्रेस में चले गए। इसके कारण उन्हें विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा। नतीजतन अब पुस्तकालय समिति के सभापति पद के लिए भी नये सदस्य की तलाश होगी।

गोपालगंज से लोकसभा का चुनाव जीतने वाले पूर्णमासी राम अनुसूचित जति एवं जनजति कल्याण समिति के सदस्य थे। अब उनके सांसद बन जने के कारण यह पद भी खाली हो गया है। आंतरिक संसाधन एवं केन्द्रीय सहायता समिति के सभापति जगदीश शर्मा भी जहानाबाद से और निवेदन समिति की सभापति अश्वमेध देवी उजियारपुर से लोकसभा का चुनाव जीत गई हैं और इसके कारण ये दोनों पद भी खाली हो गए हैं।

विधानसभा के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन समितियों के सभापति पद पर जल्दी ही किसी विधायक की नियुक्ति की अधिसूचना जरी होगी। सभापति के अभाव में इन समितियों के लिए काम करना मुश्किल होगा।

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  • Web Title:विधानसभा की पांच समितियों का पुनर्गठन होगा