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28 मई, 2020|9:11|IST

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निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई न होने से आक्रोश

निजी स्कूलों  में फीस वृद्धि के खिलाफ अभिभावक बुधवार को सड़क पर उतर गए। उन्होंने जिला मुख्यालय पर धरना दिया, जिसमें विभिन्न संगठनों के लोग शामिल थे। धरने में शामिल संगठनों ने एक स्वर से मांग की है कि बढ़ी हुई फीस वापस ली जए। प्राइवेट स्कूलों के लिए नियम-कानून बनाया जए। वक्ताओं ने कहा, कि स्कूल प्रबंधन समाजसेवा के नाम पर टैक्स में रियायत लेकर सस्ती दर पर जमीन खरीदते हैं। इसके बावजूद उनकी निगाह मोटा मुनाफा कमाने पर टिकी रहती है।

समाजसेवा के नाम पर इससे बढ़ा ढोंग और क्या होगा। शिक्षा को अगर बाजर के हवाले कर दिया जएगा, तो आम आदमी के बच्चे अच्छी शिक्षा से वंचित रह जएंगे। स्कूली शिक्षा का भार सरकार को उठाना चाहिए। देश में लम्बे समय से यह मांग उठती रही है कि समान शिक्षा प्रणाली लागू की जए, ताकि सरकारी खर्च पर सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। साथ ही प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों की मनमानी पर रोक लग सके।

वक्ताओं ने इस बात पर रोष जताया कि इस बारे में जिला प्रशासन को कई बार लिखा गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।धरने में वाराणसी पैरेंट एसोसिएशन, आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा से जुड़े लोगों ने भाग लिया। इसमें अनिल सिंह, डीके त्रिपाठी, अनिल मेहरा, गगन यादव, विवेक यादव, रजनीश, सरिता पटेल, नितेश, अमित और विकास कुशवाहा आदि शामिल थे।

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  • Web Title:फीस वृद्धि के खिलाफ अभिभावकों का धरना