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रास्ता खुल गया

नेताजी साईकिल वाली पार्टी में अच्छे ओहदे पर हैं। लेकिन वहां सिर्फ शरीर ही था दिल तो पुरानी पार्टी में ही था। वैसे भी साईकिल पार्टी में रो-रो की खिचखिच से वे आजिज आ चुके हैं। लिहाजा समर्थकों के बीच अपनी भूल का अहसास भी करते थे। लेकिन कोई बहाना नहीं बन रहा था जो पुरानी पार्टी में लौटा जाए। अब ईश्वर ने उनकी सुन ली है। दल ने उनकी पुरानी पार्टी को समर्थन दे दिया है। अब इसी बहाने पुराने मित्रों से मिलने-ाुलने का रास्ता खुल गया। कौन जाने पुराने नेता का दिल पसीज जाए और उन्हें एक और मौका मिल जाए। अब नेताजी बहुत खुश हैं और हाईकमान को धन्यवाद देते नहीं थक रहे हैं। यह दीगर है कि समर्थन की इस घोषणा से उन्हें कुछ घाटा भी हुआ है।ड्ढr ड्ढr अध्यक्षजी का गुस्साड्ढr पुरानी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को आजकल गुस्सा बहुत आ रहा है। शायद यह बढ़ी ताकत का असर है। कई बार उनके गुस्से का शिकार पत्रकार भी हो जा रहे हैं। अध्यक्षजी के गुस्से का कारण भी है। उनकी पार्टी जिस तरह टिकट बांट रही है उससे सवाल उठ रहे हैं। अब अध्यक्षजी कितने सवालों के जवाब दें। लिहाजा उन्हें गुस्सा आ जाता है। अब पिछले दिनों उन्होंने प्रेस कान्फ्रेंस की और पत्रकारों ने उम्मीदवारी को लेकर सवाल करने शुरू कर दिए। अध्यक्षजी ने साफ कह दिया कि यह अच्छी बात नहीं है और जब वे कोई बात बोल रहे हों तो लोगों को सुनना पड़ेगा।ड्ढr छोटे सरकार और राजनीतिड्ढr जब से पुराने राजा ने कहा है कि वे राजनीति विज्ञान के विद्यार्थी रहे हैं तब से छोटे सरकार ने राजनीति पर बोलना छोड़ दिया है। उन्होंने पत्रकारों से इसका राज भी बताया। उन्होंने बताया कि दरअसल पढ़ने के दौरान वे कई बार राजनीति विज्ञान में फेल कर गए थे। बाद में किसी तरह इस विषय में उनका बेड़ा पार लगा। अब पुराने राजा ने एक दिनकह दिया कि वे राजनीति विज्ञान के छात्र हैं इसलिए पालिटिक्स अच्छी तरह समझते हैं। उस दिन से छोटे सरकार से जब भी आप राजनीति के बार में पूछिये, वे एक ही जवाब देते हैं- भाई, मेर लिए तो इस विषय में पास करना भी कठिन रहा है।

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  • Web Title: बाकी सब बकवास