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आडवाणी कहां हैं?

अंग्रेजी में कहावत है कि सफलता के कई बाप होते हैं, लेकिन असफलता अनाथ होती है। लालकृष्ण आडवाणी यह चाह रहे होंगे कि इस चुनाव में असफलता भी अनाथ ही हो, लेकिन जिसे देखो, वह आडवाणी को जिम्मेदार ठहराते हुए चला ज रहा है। मोहल्ले के स्तर पर हिंदुत्व की राजनीति करने वाले भी आडवाणी को दोषी करार दे रहे हैं। ऐसे कई लोग हैं, जिनकी शक्ल को देखकर लगता है कि इनका इस असफलता से ताल्लुक होगा, वे राज रवि वर्मा के चित्र में विश्वमित्र की तरह चल दिए हैं और बेचारे लौहपुरुष असफलता को गोद में लिए बैठे हैं। यहां तो भरोसा होता है कि वे लौहपुरुष हैं, वरना इतने लोगों की मलामत ङोलना आसान नहीं है।

राजग और भाजपा का उदारवादी धड़ा कह रहा है कि आडवाणी ने जो उदार छवि नहीं बनाई, उसकी वजह से उनकी हार हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कहना है कि कट्टर हिंदुत्ववादियों का विश्वास वे नहीं जीत पाए, इसलिए भाजपा हार गई।

एक का कहना है कि आडवाणी थोड़े बाईं ओर होते तो ठीक रहता, दूसरे का कहना है कि वे थोड़े दाहिनी ओर होते तो ठीक होता। अब सवाल यह उठता हैं कि आडवाणी हैं कहां। चूंकि यह इस नाचीज लेखक का स्तंभ है और यह छोटी सी जगह इसलिए तो नहीं है कि मैं दूसरों के विचार बताता फिरूं।

यहां तो इन पंक्तियों के लेखक के ही विचार प्रस्तुत किए जएंगे। तो मेरा विचार यह है कि भारतीय जनता पार्टी की हार के लिए आडवाणी जी कतई जिम्मेदार नहीं हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वे किसी भी बात के लिए जब जिम्मेदार नहीं हैं तो हार के लिए कैसे जिम्मेदार होंगे। जब बाबरी मस्जिद ढहाई गई, तो उनके न चाहते हुए ऐसे हुआ, इसलिए वे उसके जिम्मेदार नहीं थे। कंधार कांड जब हुआ तो वे आतंकवादियों की रिहाई के सख्त खिलाफ थे। अक्षरधाम मंदिर और संसद भवन पर जब आतंकवादियों ने आक्रमण किया, तब भी आडवाणी जी इसके सख्त खिलाफ थे, लेकिन आतंकवादियों ने ऐसा किया। फिर भी उनका बड़प्पन है कि उन्होंने विपक्ष के नेता के तौर पर इस्तीफा दिया। लेकिन सभी लोग चूंकि चाहते थे कि आडवाणी जी ही हार का ठीकरा फोड़ने के लिए उपयुक्त पात्र हैं, सो उन्होंने आडवाणी जी को नेता विपक्ष बने रहने के लिए मना लिया।

लेकिन अब तक सवाल बदल गया है। सवाल यह नहीं है कि आडवाणी जिम्मेदार हैं या नहीं। सवाल यह है कि आडवाणी जी कहां हैं। थोड़े बांए..नहीं थोड़े दाहिने..नहीं बाएं ही हैं, नहीं दाहिने ही हैं। अब बताइए जिनका ठिकाना ही स्थिर नहीं, उन्हें कोई वोट देना भी चाहे तो कैसे दे।

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  • Web Title:आडवाणी कहां हैं?
पांचवां एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच
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vs
जिम्बाब्वे95/10(32.1)
अफगानिस्तान ने जिम्बाब्वे को 146 रनो से हराया
Mon, 19 Feb 2018 04:00 PM IST
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Mon, 19 Feb 2018 04:00 PM IST
फाइनल
न्यूजीलैंड
vs
ऑस्ट्रेलिया
ईडन पार्क, ऑकलैंड
Wed, 21 Feb 2018 11:30 AM IST