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बाढ़ की आशंका  को ध्यान में में रख यहां सिंचाई भवन में 15 जून से केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष काम करने लगेगा। यह कक्ष 15 अक्तूबर तक चालू रहेगा। इसके अलावा पूरे राज्य में सभी चीफ इंजीनियर, सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर और एज्किजीक्यूटिव इंजीनियर के कार्यालय में भी 15 जून से ही बाढ़ नियंत्रण कक्ष काम करने लगेगा।

ये कक्ष 24 घंटे संचालित होंगे और यहां तीन पालियों में ड्यूटी निर्धारित होगी। क्षेत्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में वर्षापात के निर्धारित आंकड़े, नदियों का मौजूदा जलस्तर और उनके घटने-बढ़ने की जानकारी उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही तटबंधों पर नदियों द्वारा कटाव की स्थिति, तटबंधों की सुरक्षा हेतु स्थल पर एकत्रित सामग्रियों के भंडारण की सूचनाएं भी संकलित होंगी।

क्षेत्रीय नियंत्रण कक्ष से ये सूचनाएं प्रतिदिन वायरलेस, दूरभाष और फैक्स से भेजी जाएंगी। बाद में उन्हें लिखित रूप में भी दर्ज किया जाएगा। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में तैनात प्रभारी इंजीनियर सभी सूचनाएं सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर इंजीनियर इन चीफ को और विभागीय सचिव को देंगे। वे वरीय अधिकारियों से दिशा-निर्देश प्राप्त कर क्षेत्रीय कार्यालय को संप्रेषित कर कार्य सुनिश्चित कराएंगे।

जल संसाधन विभाग ने आसन्न बाढ़ के खतरे को देखते हुए 15 जून के पहले सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में वायरलेस सेट लगाने का निर्देश दिया है। इसके पूर्व सभी खराब वायरलेस को ठीक कराने को कहा गया है।

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  • Web Title:15 जून से केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष