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10 लाख रुपये का हर्जाना मांगा

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जेट एयरवेज लिमिटेड और जेट लाईट दोनों विमान कंपनियों पर 10 लाख रुपये हर्जाना का मुकदमा किया है। नई दिल्ली के जिला उपभोक्ता फोरम ने दोनों कंपनियों के विरुद्ध नोटिस भी जारी कर दी है।

मामला वर्ष 2007 का है। सुशील मोदी को अपने दल के सहयोगी नेताओं के साथ चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली से अहमदाबाद जाना था। वे दिल्ली हवाई अड्डे पर जेट लाइट के विमान में बैठने के लिए फेरी बस से जा रहे थे। फेरी बस के चालक की लापरवाही के कारण मोदी बस में ही गिर पड़े थे और उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी।

इसको लेकर उन्होंने जेट एयरवेज लि. के चेयरमैन नरेश गोयल, जेट लाईट के चीफ एक्जीक्यूटिव गैरी किंगशॉट और दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें उन्होंने कहा है कि फेरी बस का चालक मोबाइल फोन पर बात करते हुए बस चला रहा था। आसपास की गतिविधियों पर उसका बिलकुल ध्यान नहीं था। इस लापरवाही के कारण बस एक वायुयान के नजदीक पहुंच गई और उसने कड़ा ब्रेक लगाया जिसके कारण मोदी गिर पड़े और उन्हें रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई। दर्द से कराहते मोदी को न तो वायुयान कंपनी की ओर से इलाज की सुविधा दी गई और ना ही एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से। मोदी को अंतत: अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी और एक वर्ष तक उनका इलाज कई अस्पतालों में चला।

उन्हें अब तक चोट के कष्ट से मुक्ति नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा है कि अगर किसी राज्य के उप मुख्यमंत्री और राजनेता के साथ वायुयान कंपनियों का ऐसा व्यवहार होता है तो फिर देश के आम मुसाफिर के साथ उनका व्यवहार कैसा होता होगा, यह समझना मुश्किल नहीं है।

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  • Web Title:विमान कंपनियों पर मोदी ने किया मुकदमा