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रंग लाई रामदास की मुहिम, तंबाकू उत्पादों पर सचित्र चेतावनी अनिवार्य

रंग लाई रामदास की मुहिम, तंबाकू उत्पादों पर सचित्र चेतावनी अनिवार्य

यूपीए की पिछली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे अंबुमणि रामदास और तंबाकू सेवन के खिलाफ आवाज उठाने वाले एनजीओ के प्रयासों का ही नतीजा है कि विश्व तंबाकू दिवस (31 मई) के मौके पर देश में तंबाकू उत्पादों पर सचित्र चेतावनी छापना अनिवार्य हो गया है। सिगरेट और बीड़ी बनाने वाली कंपनियों के लिए अब अपने उत्पादों के पैकेटों के ऊपर 40 फीसदी हिस्से में तंबाकू उत्पादों से स्वास्थ्य पर होने वाले नुकसान पर सचित्र चेतावनी देनी होगी।

तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों ने इसके खिलाफ बहुत सारे तर्क दिए और इसे लागू करने में कई व्यावहारिक किस्म की दिक्कतों का हवाला दिया लेकिन अंतत इसे लागू किया जा रहा है। भारत सरकार के मुताबिक, इन पैकेटों पर हड्डी खोपड खतरा निशान, बिच्छू के चित्र छापने के साथ यह लिखित चेतावनी होगी कि टोबैको स्मोकिंग किल्स (सिगरेट पीना मौत को बुलावा देना होगा)

सचित्र चेतावनी संबंधी नियम का पालन न करने पर दंड और जेल की सजा का प्रावधान है। सिगरट,बीड़ी, गुटखा वगैरह के खिलाफ अभियान चलाने वाले संगठन के डां केएस रेडडी के मुताबिक यह अच्छी शुरुआत है। विदेशों में तंबाकू दिवस के ऊपर इसके सेवन से होने वाले गंभीर नुकसान आदि समस्याओं से संबंधित भयानक तस्वीरें छापी जाती है।

सिगरेट का इस्तेमाल घटा

इसे जागरुकता अभियानों का असर कहें या फिल्मों में सिगरेट के रोक जैसे कड़े कदमों का प्रभाव उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में सिगरेट का इस्तेमाल घटा है। लेकिन दुखद यह  है कि गुटखा व अन्य तंबाकू उत्पादों का उपयोग बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सचित्र चेतावनी जारी होने से गुटखा व अन्य तंबाकू उतपादों का सेवन जरुर घटेगा।

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  • Web Title:रंग लाई रामदास की मुहिम