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भाजपा पर चले जदयू के तीर, बेहतर प्रदर्शन के बावजूद दिल्ली दूर रह जाने का मलाल

पटना। जदयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भाजपा पर जमकर ‘तीर’ चले। बैठक के पहले ही दिन वरीय नेताओं की मौजूदगी में कई वक्ताओं ने भाजपा का पानी उतार दिया। बैठक में झारखंड में पार्टी की हार का दर्द भी महसूस किया गया। वहां हार का ठीकरा भी भाजपा पर ही फोड़ा गया। लोकसभा चुनाव में भाजपा द्वारा उठाए गए मुद्दों पर भी जदयू ने कड़ी आपत्ति की। बिहार में काफी अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी ‘दिल्ली’ दूर रह जाने का मलाल सबके चेहरे पर था।

पार्टी को इस बात का भी बेहद दुख रहा कि पांच वर्षों के यूपीए के कार्यकाल की असफलताओं को उजागर करने की बजाए भाजपा पिटे मुद्दों पर ही धार चढ़ाने की कोशिश करती रही। उसने आम लोगों से जुड़े मुद्दों की भारी उपेक्षा की जिसका खामियाजा राष्ट्रीय स्तर पर  एनडीए को उठाना पड़ा। ये ऐसे मुद्दे थे जिन्हें आम जनता पहले ही खारिज कर चुकी थी और उसका कोई मतलब भी नहीं रह गया था। यही नहीं जनसमस्याओं को उठाने में भी पार्टी पूरी तरह विफल रही।

जदयू का मानना है कि यूपीए के पांच वर्षों के कार्यकाल पर एनडीए फोकस करता तो देश की जनता अवश्य उसे गंभीरता से लेती। पांच वर्षों में आम जनता की हालत बदतर हुई है। महंगाई आसमान छू रही है, आम आदमी का जीवन स्तर नीचे जा रहा है। लोगों की आय घट रही हैं। गरीबी बढ़ रही है। बावजूद इसके इन मुद्दों पर एनडीए फोकस नहीं कर पाया। ह्यूमन डेवलपमेंट इंडैक्स में देश का स्थान 128 से 132 पर पहुंच गया है। गरीबों की संख्या पिछले चार वर्षों में 27 करोड़ से बढ़कर 32 करोड़ पहुंच गई। यही नहीं विश्व बैंक की रिपोर्ट बताती है कि देश के ग्रामीण इलाकों में 50 फीसदी और शहरों में 38 फीसदी लोग कुपोषण के शिकार हैं। ये सारे मुद्दे भाजपा ने गौण कर दिए। परिणाम सबके सामने है।

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  • Web Title:भाजपा पर चले जदयू के तीर