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राष्ट्रपति के अभिभाषण में अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर रहेगा

संसद के संयुक्त अधिवेशन में होने वाले राष्ट्रपति के अभिभाषण को अंतिम रूप देने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की शनिवार को पहली बैठक हुई। समझ जाता है कि अभिभाषण में समाज कल्याण योजनाओं और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के सरकार के उपायों पर जोर दिया गया है।
बैठक में भाग लेकर प्रधानमंत्री के रेसकोर्स स्थित आवास से बाहर आने के बाद पर्यावरण और वन राज्यमंत्री जयराम रमेश ने आईएएनएस से कहा, ‘बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर ही चर्चा हुई। कोई अन्य निर्णय नहीं लिया गया।’ उल्लेखनीय है कि 15 वीं लोकसभा का पहला अधिवेशन सोमवार से नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथग्रहण के साथ शुरू हो रहा है। लोकसभाध्यक्ष का चुनाव तीन जून को किया जाएगा और चार जून को राष्ट्रपति संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी।


राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल के अभिभाषण में सत्तारूढ़ पार्टी और उसके सहयोगियों की नीतियों और कार्यक्रमों के अनुरूप सरकार के साल भर के कामकाज का एजेंडा रहेगा। प्रधानमंत्री पहले से ही अपनी सरकार के लिए 100 दिन की कार्ययोजना तैयार करने का वादा कर चुके हैं और उम्मीद है कि इसमें संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के अधूरे कार्यो, विशेष तौर पर ढांचागत और विकास संबंधी क्षेत्रों पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा वर्तमान मंदी के दौर से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए नए प्रोत्साहन पैकेज की भी घोषणा हो सकती है।


सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति के अभिभाषण में गरीब परिवारों को प्रतिमाह 25 किलोग्राम चावल या गेहूं उपलब्ध कराने की गांरटी देने वाले राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, ग्रामीण रोजगार, शहरी रोजगार के लिए विशेष पहल तथा आतंकवाद के मुद्दे का विशेष उल्लेख हो सकता है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पांच, आठ और नौ जून को चर्चा होगी। उसके बाद स्थगन से पहले धन्यवाद प्रस्ताव पारित होगा।  संसद का बजट सत्र जुलाई के पहले सप्ताह में आरंभ होने की उम्मीद है।

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