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मॉक ड्रिल के दौरान दो फायर कर्मियों की मौत

इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नई हवाई पट्टी के पास मॉक ड्रिल के दौरान दो फायर कर्मियों की मौत हो गई और तीन गंभीर रुप से घायल हो गए।  बताया जा रहा है कि चालक फायर टेंडर को 120 किलोमीटर की रफ्तार से चला रहा था और उसी दौरान वह कई फुट गहरे गड्डे में गिर गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत नाजुक बताई गई है।  एयरपोर्ट पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए जान लेने व चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया है।


मृतक अशोक चंद वर्मा फायर आफिसर तथा निधेश यादव है। घायलों में नरेश बाबू दीक्षित,मनोज राजपूत तथा सैय्यद अली हैं। दुर्घटना शुक्रवार रात करीब 11 बजे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई। रनवे पर जीएमआर कंपनी का काम चल रहा है। जीएमआर कंपनी ने विदेश से आग बुझने वाली अत्याधुनिक दमकल की गाड़ियां खरीदी हैं। बताया जाता है कि इन गाडियों की खासियत यह है कि तेज प्रशेर के साथ प्लेन में लगी आग को बुझ सकती है। इसी की शुक्रवार रात को अधिकारी दमकल की गाड़ियों का मॉक ड्रिल कर रहे थे। चालक निधेश यादव के साथ उसके आफिसर अशोक चंद वर्मा बैठे हुए थे उसी दौरान तेज गति होने पर दमकल की गाड़ी नालेनुमा गहरे गड्ढ़े में जा गिरी और उसका अगला हिस्सा बुरी से क्षतिग्रस्त हो गया जिसमें दोनों की मौत हो गई और तीन कर्मी घायल हो गए। उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


निधेश के रिश्तेदार राज ने बताया कि दुर्घटना के बारे में उन्हें डायल अधिकारियों ने काफी देर से सूचना दी। निधेश करीब दो साल से डायल कंपनी में काम कर रहा था। वह पालम गांव में अपनी पत्नी रेनू के साथ रहता था। उसके एक बेटा है। निधेश मूल रुप से यूपी हाथरस का निवासी था। जबकि उसके आफिसर महिपालपुर के ब्लाक में रहते थे। उसका कहना है कि फायर अधिकारी निधेश को कम से कम समय में रनवे पर पहुंचने के लिए कहते थे और इसी चक्कर में उसकी जान गई। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने पोस्टमार्टम के दौरान उन्हें काफी परेशान किया।


आईजीआई के पुलिस अधिकारी का कहना है कि इस संबंध में लापरवाही से वाहन चलाते हुए जान लेने व चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया है।

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