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चॉकलेट की दीवानी हूं

चॉकलेट की दीवानी हूं

आइसक्रीम और चॉकलेट किसी को भी दीवाना बना देते हैं, लेकिन किस सीमा तक? वसना अहमद उर्फ श्री बता रही हैं कि कैसे उन्होंने आइसक्रीम खरीदने के लिए अपना पूरा हैंडबैग ऑटो में ही छोड़ दिया था। बकौल वसना, ‘मुङो आइसक्रीम बेहद पसंद है। शूट से फ्री होने पर मैं सबसे पहले आइसक्रीम ही ढूंढ़ती हूं। एक दिन में पूरी यूनिट के लिए ही आइसक्रीम खरीदने के लिए गई। मैं ढेर सारी आइसक्रीम लेकर लौटी। मैं ऑटो से बाहर आयी और आइसक्रीम टेस्ट करने लगी। तभी मैंने एक आवाज सुनी। मैंने देखा तो ऑटोवाला मेरा बैग लेकर भागा चला आ रहा था। आइसक्रीम के चक्कर में मैं उसे ऑटो में ही भूल आई थी।’

 

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