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निकाय कर्मियों के मामले में पुनर्विचार करने का निर्देश

झारखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश ज्ञान सुधा मिश्रा व न्यायमूर्ति डीके सिन्हा की खंडपीठ ने झारखंड स्टेट लोकल बॉडी एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के उपरांत सरकार को निर्देश दिया कि प्रार्थी के आरोपों पर विचार कर जानकारी दें। खंडपीठ ने प्रार्थी को निर्देश दिया कि वह राज्य निकायों एवं नगर निगम को भी प्रतिवादी बनाएं। ज्ञातव्य है कि प्रार्थी द्वारा दायर जनहित याचिका में सरकार को उनकी मांगों पर विचार कर उनको लाभ प्रदान करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। प्रार्थी की ओर से बताया गया था कि पूर्व में कई बार आश्वासन दिया गया, परंतु लागू नहीं हो सका। प्रार्थी ने मांग की थी कि नगर निगम एवं नगर निकाय के कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों के अनुसार वेतन दिया जाए, 10-15 वर्षो से जो दैनिक भत्ते पर कार्य कर चुके हैं, उनको स्थाई किया जाए। एसीपी का लाभ दिया जाए तथा छठे वेतन आयोग का लाभ दिया जाए।

याचिका निष्पादित

झारखंड उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सिटीजन फोरम द्वारा दायर याचिका निष्पादित कर दी। प्रार्थी द्वारा दायर जनहित याचिका में गया था कि गिरिडीह जिले के डुमरी के इसरी बाजार के मध्य सनफ्लावर स्टील प्लांट लगाया गया है। प्रार्थी का कहना था कि उक्त प्लांट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए बिना लगाया गया व बाजार के मध्य प्लांट लगाने से प्रदूषण फैल रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अदालत को बताया गया कि उक्त इकाई को बंद करने का आदेश निर्गत कर दिया गया है। अदालत को बताया कि उक्त आदेश के खिलाफ सनफ्लावर प्लांट ने अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील दायर कर दी है, अत: उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई का कोई औचित्य नहीं है।

चिल्ड्रेन पार्क बनेगा

हाईकोर्ट में सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि राजमहल के नया बाजार के प्लाट संख्या 24 पर चिल्ड्रेन पार्क बनाया जाएगा। उक्त जानकारी के पश्चात अदालत ने देवदास पाल द्वारा जनहित याचिका निष्पादित कर दी। याचिका में कहा गया था कि राजमहल के नया बाजार की प्लॉट संख्या 24 पर चिल्ड्रेन पार्क बनाने का निर्देश दिया जाए। याचिका पर पूर्व की सुनवाई में अदालत ने सरकार से पूछा कि उक्त प्लाट सरकारी है या किसी अन्य का। याचिका में कहा गया था कि उक्त प्लाट पर सरकार की पार्क बनाने की योजना थी, परंतु उस पर अन्य व्यक्ति द्वारा दावा किया गया है।

हाईकोर्ट में ग्रीष्मावकाश

उच्च न्यायालय में 29 मई से 20 जून तक ग्रीष्मावकाश रहेगा। सूत्रों के अनुसार अवकाश के दौरान अवकाशकालीन खंडपीठ अति आवश्यक मामलों की सुनवाई करेगी। अवकाशकालीन पीठ 2, 3, 4, 8, 9, 10, 15, 16 एवं 17 जून को प्रात: 9 बजे बैठेगी।

मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात

लॉयर्स एसोसिएशन, हाईकोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश ज्ञान सुधा मिश्रा से मुलाकात कर उन्हें समस्याओं से अवगत कराया तथा मांग की कि सभी न्यायालय कक्ष में डिसप्ले बोर्ड लगाया जाए, ताकि चल रहे मुकदमों की अद्यतन जानकारी मिल सके। राज्य के व्यवहार न्यायालयों में रिक्त पदों को आरक्षण के प्रावधानों के तहत भरा जाए। अधिवक्ताओं के बैठने वाले कक्षों और हॉलों में कूलर आदि की व्यवस्था की जाए।

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