DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भाजपा ने लोकसभा चुनावों की समीक्षा बैठक की

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) राम लाल की मौजूदगी में शुक्रवार को यहाँ प्रदेश भाजपा मुख्यालय में प्रदेश व जिला पदाधिकारियों की बैठक में लोकसभा चुनाव में पार्टी को अपेक्षित सफलता न मिलने के कारणों की समीक्षा की गई। बैठक में राज्य के चुनाव नतीजों को बसपा सरकार के माफियाराज, चौथवसूली तथा कुशासन के विरुद्ध जनादेश तथा सपा की समाजतोड़क नीतियों के खिलाफ आमजनों की नाराजगी बताया गया। साथ ही घोर साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण व पैसे के बेजा इस्तेमाल को कांग्रेस की जीत का मुख्य कारण बताया गया।

नेताओं ने अपनी पीठ यह कहकर थपथपाई कि विपरीत परिस्थितियों के बीच भाजपा न केवल अपनी 2004 वाली स्थिति बरकरार रखने में कामयाब बल्कि उसका वोट प्रतिशत बढ़ा है और सहयोगी दलों के साथ 15 सीटें पाने में वह कामयाब रही है। पार्टी ने तय किया है कि वह नए जोश  से अपना खोया जनाधार पाने के लिए पूरी ताकत से जुटेगी। इसके लिए क्षेत्र व जिला स्तर पर चुनाव परिणामों की गहन समीक्षा के बाद पूरी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

बैठक को सम्बोधित करते हुए राम लाल ने कहा कि जनादेश ने कांग्रेस को सत्ता सौंपी है लेकिन भाजपा को मुख्य विरोधी दल के आसन पर भी बैठाया है। जनता ने राष्ट्रवाद और हिन्दुत्व विरोधी ताकतो को खारिज किया है। पार्टी उत्तर प्रदेश में स्थिर है। कार्यकर्ता विपरीत परिस्थितियों में पैर जमाकर अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण करें।

उत्तर प्रदेश के चुनाव प्रभारी कलराज मिश्रा ने कहा कि अपेक्षित परिणाम न आने के सामाजिक व राजनीतिक विश्लेषण जरूरी हैं। जनता बसपा को हराना चाहती थी। साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के कारण उसे लगा कि कई जगह कांग्रेस ही बसपा को हरा सकती है, वहाँ उसने कांग्रेस को तथा इसी तरह अन्य जगहों पर सपा या भाजपा को वोट दिए। संगठन को मजबूत करके भाजपा को आगे बढ़ना  चाहिए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए  प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. रमापति राम त्रिपाठी ने कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं जुटे रहे इसीलिए बसपा के सत्ताबल, माफियाबल तथा कांग्रेस व सपा के धनबल के बावजूद भाजपा की स्थिति काफी ठीक रही। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने समीक्षा बैठक के निष्कर्षो की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक का सोचना था कि अपेक्षानुसार सीटें न जीत पाने के कारण क्षेत्रीय व स्थानीय समीकरण भी रहे। इसलिए क्षेत्र व जिला स्तरीय समीक्षा के जरिए वस्तुस्थिति का विश्लेषण होना जरूरी है।

बैठक में सभी क्षेत्रीय अध्यक्षों ने अपने क्षेत्र में चुनाव परिणाम की स्थिति की जानकारी दी। बैठक में उपचुनावों पर भी विचार हुआ और तय किया गया कि सभी क्षेत्रों की राजनीतिक स्थिति का आकलन करके जल्दी उम्मीदवार घोषित किए जाएँ। बैठक में विधानमण्डल दल के नेता ओम प्रकाश सिंह,  पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केशरीनाथ त्रिपाठी,  सांसद लालजी टण्डन, उपाध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, सूर्यप्रताप शाही, लल्लू सिंह, रघुवर दयाल वर्मा, महामंत्री (संगठन) नागेन्द्र नाथ, सहमहामंत्री (संगठन) राकेश जैन, पूर्व विधानपरिषद सदस्य विन्ध्यवासिनी कुमार, कोषाध्यक्ष अशोक धवन आदि पदाधिकारी मौजूद थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भाजपा को तसल्ली, 2004 पर कामयाब रहे