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आईपीएल ने सिखाए निवेश के 10 हुनर

1. जल्द करें शुरुआत 
टी 20 में देर से शुरुआत करने वालों को कोई ज्यादा तरजीह नहीं दी जाती। टीम भी उम्मीद करती है कि पहली ही गेंद से रन बनने शुरू हो जाएं। यदि आपकी टीम के ज्यादा रन नहीं होंगे तो आने वाले हर बैट्समैन पर रन गति तेज करने का दबाव बढ़ता जएगा। इसी तरह से निवेश के मामले में भी जल्द शुरुआत करनी चाहिए। जितनी जल्दी निवेश करना शुरू करेंगे उतनी तेजी से आपका निवेश बढ़ता जएगा। बै¨टग करनी वाली टीम पहले ओवरों में फील्ड पर लगे प्रतिबंध का फायदा उठाती है। ऐसे ही आप अपनी उम्र के शुरुआती दौर में ज्यादा जोखिम उठाकर ज्यादा तेजी से रिटर्न बटोर सकते हैं। कम उम्र में ज्यादा जोखिम की स्वतंत्रता के पीछे कम जिम्मेदारियां होना भी है।

2. जोखिम और रिटर्न का मेल
टी20 में जोखिम उठाने वाला ही तेज रन बटोरता है और ज्यादा रन बनाने वाला ही विजेता बनता है। यही नहीं, तेज बल्लेबाजी के साथ सही तरीके से कसी हुई फील्डिंग और नए तरीके से बोलर का प्रयोग करना भी जोखिम की Þोणी में है। इसी तरह से फाइनेंशियल प्लानिंग में भी निवेश को लेकर नए प्रयोग करना ज्यादा रिटर्न का दरवाज खोलता है। जसे ऊंचा शॉट लगाने में कैच होने का डर होता है पर बल्लेबाज छक्के मारना नहीं छोड़ता उसी तरह निवेश में भी गलती होने का डर रहता है पर निवेशक बेहतर रिटर्न के लिए निवेश की राह नहीं छोड़ता। लेकिन इस मामले में याद रखें कि हर गेंद पर छक्का नहीं लगता, उसी तरह सिंगल रन का भी महत्व होता है।

3. अनहोनी के लिए रहे तैयार
जिसकी उम्मीद न हो उसका भी इंतजम करके रखना चाहिए। जसे डकवर्थ लुइस नियम के कारण हार-जीत का फैसला पलट जता है, उसी तरह निवेश करते समय यह याद रखना चाहिए कि निवेश के मामले में कोई सरकारी फैसला या देश-विदेश के हालात आपकी पूरी प्लानिंग को बिगाड़ सकते हैं ऐसे में वकल्पिक प्लान को हमेशा तैयार रखना चाहिए। विदेश में सुरक्षा का माजिर्न रख कर चलना चाहिए।

4. रणनीतिक अंतराल
टी20 में हर 10 ओवर के बाद टीम अपनी रणनीति को फिर से व्यवस्थित करने के लिए एक ब्रेक लेती है और मैदान पर सारे लोग मिलकर अगले 10 ओवर के लिए अपनी रणनीति पर चर्चा करते हैं कि जो चाल पहले 10 ओवर में चली गई क्या अगले 10 ओवर में उसमें बदलाव लाया जए। इसी तरह निवेश में भी समय-समय पर अंतराल लेकर अपने निवेश की विवेचना करनी होती है ताकि आप देख सकें कि अपने निवेश के लक्ष्य से भटक तो नहीं रहे या कहीं आप बेहतर रिटर्न पाने का कोई बेहतरीन मौका चूक तो नहीं रहे। ऐसा कर आप निवेश की समस्याओं और चुनौतियों को बेहतर जन पाएंगे।

5. संतुलन
जसा कि हर टीम में खिलाड़ियों का संतुलन होता है कि कितने हिटर होंगे, कितने गेंदबाज और कितने आल-राउंडर। उसी तरह आपके निवेश पोर्टफोलियो में भी इस तरह का संतुलन जरूरी है। किस तरह की स्कीम में शॉर्ट टर्म रिटर्न लेना है, कौन सा निवेश लांग टर्म में रिटर्न देगा, कौन सा टैक्स की बचत करेगा और कौन सा निवेश भविष्य को सुरक्षित रखेगा। किस निवेश पर आक्रामक होना है, किस निवेश को लंबे समय के लिए भूल जना है, यह सब फैसले फाइनेंशियल प्लानिंग के जरूरी पहलू हैं।

6. खराब ओवर
टी20 में कभी भी खराब ओवर पड़ सकता है, चाहे वह गेंदबाज के नजरिये से हो या फिर भी बल्लबाज के नजरिये से। इस एक ओवर से मैच की पूरी तस्वीर पलट सकती है। इसी तरह निवेश के मामले में भी खराब ओवर आ सकते हैं जो आपके पोर्टफोलियो की हवा निकाल सकते हैं यानी नौकरी, बीमारी, दुर्घटना इत्यादि आपका निवेश पोर्टफोलियो हिला सकते हैं। इसके लिए एक सुरक्षा प्लान तैयार रखें।

7. निरंतरता हमेशा जीतती है
टी20 में ज्यादा स्कोर बनाने वालों और ज्यादा विकेट लेने वालों को ऑरेंज और पर्पल कैप से सम्मानित किया जता है। यह तभी हासिल होती हैं जब आप निरंतर बेहतर प्रदर्शन करते हैं। पर्सनल फाइनेंस के मामले में भी आप अपने लिए ऐसे सम्मान तभी हासिल कर सकते हैं जब आप अपने निवेश के प्रति निरंतर जगरूर रहते हैं और उसमें निवेश की निरंतरता बनाए रखते हैं। लांग टर्म में निवेश करने वाला हमेशा फायदे में रहता है।

8. कोच का महत्व
टी20 ने दिखा दिया है कि गेंदबाजी, बैंटिंग और फील्डिंग के लिए अलग कोच का क्या फायदा होता है। निवेश में बी निवेश सलाहकार की मदद लेना किसी तरह की शर्म की बात नहीं होती। कई बार कुछ जनकारियां हम नहीं जुटा पाते। ऐसे में निवेश से जुड़े सवालों और जिज्ञासाओं को सलाहकार की मदद से हल किया ज सकता है। इस तरह से निवेश में होने वाली महंगी गलतियों को बार-बार दोहराने से बचा ज सकता है।

9. भटकाव का आकर्षण
टी20 में मनोरंजन का भरपूर मसाला रहता है, डांस, संगीत, शोर-शराबा जिससे खिलाड़ी का ध्यान भटक सकता है। ऐसे में अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहना ही बेहतर रहता है। निवेश में भी कई बार ललचाने वाले निवेश विकल्प सामने आकर खड़े हो जते हैं जो आगे चलकर आपकी पूरी कमाई और मूलधन को सफाचट कर जते हैं। इसीलिए निवेश करते समय शॉर्टटर्म आकर्षण से बचना चाहिए और अपने निवेश लक्ष्य पर अडिग रहते हुए निवेश में निरंतरता बनाए रखनी चाहिए।

10. जीतने की आदत
टी20 में वही टीम जीतती है जो जीत को अपनी आदत बना लेती है। इसमें आत्मविश्वास झलकता है, लेकिन साथ ही आत्मविश्वास उसके व्यवहार में होता है। यह आत्मविश्वास उसके खेल में मैदान और पिच पर दिखाई देता है। इसी तरह निवेश का मतलब ज्यादा पैसा होना नहीं होता और आप चाहें तो कम पैसे से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। सकारात्मक विश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए आप अपने लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। एक निवेश का फैसला गलत होने पर दिल छोटा करने की जरूरत नहीं होती। अपने विश्वास को कायम रखें और पूरी तैयारी के लिए अगली पारी के लिए कमर कस लें।

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