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समय का रुख

बाजार में इक्विटी और म्यूचुअल फंड के बढ़ते रुझान की वजह से लोगों का ध्यान एसआईपी (सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान) और यूलिप (यूनिट लिंक इंवेस्टमेंट प्लान) के प्रति बढ़ा है। अकसर इक्िवटी मार्केट में आने वाले उतार-चढ़ाव की वजह से, लोगों को एसआईपी में निवेश करने की सलाह दी जती है, पर लोग अकसर असमंजस में रहते हैं कि कौन सा एसआईपी लेना बेहतर है। 

कैसे करें निवेश : एसआईपी निवेश करने का एक तरीका है, जिसमें म्यूचुअल फंड में निवेश किया जता है। जब भी एसआईपी में निवेश के बारे में बात की जती है, तो बात म्यूचुअल फंड में छोटे अंतराल में किए गए निवेश की होती है। जब मार्केट में उथल-पुथल चल रही हो, तो ऐसे में एसआईपी औसत खरीद कीमत को कम करता है। इस बात को आप उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लीजिए मासिक एसआईपी दो हजर चार सौ रुपए है और नेट एसेट वल्यू(एनएवी) 60 है। अगले महीने अगर एनएवी की वल्यू कम होकर 40 हो जती है, ऐसे में निवेशक को 60 यूनिट क्रेडिट होगी।

निवेश कम पैसे से : निवेश के लिए अनुशासन होना बेहद जरूरी है। अकसर अनुशासन न होने की वजह से ही लोग तय आíथक लक्ष्य नहीं पाते। एसआईपी में निवेश छोटी लागत से भी किया ज सकता है, ऐसे में पैसे की कमी के कारण भी निवेश से मुंह नहीं चुराना पड़ता।

कब खरीदें एसआईपी : एसआईपी को बाजर में उथल-पुथल के दौर में खरीदें। लेकिन जब बाजर ऊपर चढ़ रहा हो, ऐसे में एसआईपी को खरीदने से कोई फायदा नहीं होने वाला क्योंकि ऐसी स्थिति में यह औसत खरीद कीमत को कम नहीं कर सकता। साथ ही जो फंड लंबे समय से बेहतर प्रदर्शन नहीं कर रहा हो, उसमें निवेश से बचना चाहिए।

- एसआईपी से निवेश अनुशासन आता है। 
- निवेश छोटी लागत से भी हो सकता है।
- यह औसत खरीद कम करता है।

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