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कोयल एंन्कलेव योजना का ड्रा शनिवार को

दिल्ली से सटे जीडीए की बहुचर्चित कोयल एंन्कलेव ईडब्ल्यूएस आवासीय के आवेदकों को ड्रा से पहले ही छला गया। वो भी एक दो नहीं बल्कि पूरे दो हजार से भी ज्यादा आवेदकों के साथ। ओवदक  शनिवार को होने वाले ड्रा की भीड़ में भाग लेने से भी कतराने रहे हैं। हो भी क्यों न? बीते वर्ष 08 के जनवरी व अगस्त में स्कीम लांच की गई तो ब्रोशर में मकानों की संख्या कुल 3168 बताई गयी था। लेकिन ड्रा में 1056 मकान की योजना है।
    ब्यौरे के मुताबिक मात्र 1.70लाख की कीमत में दो कमरे के मकान लेने के सपने पूरे करने के लिए आवेदकों ने खूब रूचि दिखाई। पहली बार तो जमीन अधिग्रहण के विरोध में कोर्ट में मैटर होने के कारण स्कीम पिट गई लेकिन जीडीए ने दुबारा सात महीने बाद स्कीम बढ़ाकर आवेदकों को निराश नहीं किया। लोंगों को ड्रा का इंतजार था, जबकि शनिवार को ही ड्रा होना है,लेकिन आवेदकों को खुशी से ज्यादा टेंशन है। क्योंकि अगर ड्रा में पूरे मकान होते तो उतने ही और आंवटियों के सपने पूरे हो सकते थे।

उधर,जीडीए के खजाने में लगभग 38 हजार आवेदन से करोड़ों रूपए सालभर से जमा है। जीडीए को बैंकों में जमा इस धनराशि से लाखों रूपया तो ब्याज का मिल गया जबकि आवेदक ब्याज भरकर बोझ तले दबे हैं। सामान्य कोटा के अनिल राणा,सुशील कुमार,प्रेमलता समेत कई अन्य आवंटियों ने बताया कि शायद ही नसीब साथ दे। दरअसल, जीडीए द्वारा अब 2112 मकान यानि दो तिहाई मकानों की संख्या कम कर दी गई ,कारण कुछ जमीन पर मामला कोर्ट में विचाराधीन है। जीडीए सचिव का कहना है कि जमीन के अभाव में ही मकान की संख्या कम की गई लेकिन वह नियम के तहत ही है। ब्रोशर में संख्या घटने या बढ़ने का जिक्र  किया गया है।

गंभीर मामला

-स्कीम 3168 मकानों की, ड्रा में मात्र 1056क्यों
-कहां गई दो हजार मकानों की जमीन

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  • Web Title:कोयल एंन्कलेव योजना का ड्रा शनिवार को