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अफवाहों ने बंद कराया जालंधर

शहर में वीरवार को दलित उपद्रवियों के हमले और पुलिस फायरिंग जैसी अफवाहों का राज रहा। इन झूठी खबरों की वजह से ज्यादातर वाणिज्यिक और औद्योगिक संस्थान दोपहर तक बंद हो गए।


अफवाहों के चलते शहरवासियों में फैलती अफरा-तफरी को देखते हुए प्रशासन की ओर से लगातार लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की जा रही थी। शहर में माहौल शांत होने के प्रशासन के आश्वासन के बावजूद दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इस कारण कफ्र्यू में सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक की ढील के बावजूद बंद जैसा माहौल रहा। शहर के बीएमसी चौक, शास्त्री मार्केट, फगवाड़ा गेट, भगत सिंह चौक, मिलाप चौक, माई हिरन गेट, पीएनबी चौक और जीटी रोड पर दुकानें पूरी तरह बंद रहीं।


मिली जानकारी के मुताबिक सबसे पहले सुबह राम मंडी इलाके में एक बस को उपद्रवियों द्वारा जलाए जाने की खबर आई। बाद में कहा गया कि वडाला चौक पर पुलिस ने फायरिंग कर दी है। इसके बाद कहा गया कि   कर्फ्यू में छूट घटा कर  दोपहर तीन बजे तक कर दिया गया है। बाद में ये सभी खबरें गलत निकलीं।

इस दौरान डेरा सचखंड के अनुयायियों और रविदास समुदाय के एक वर्ग ने प्रशासन को ज्ञापन देकर पुलिस फायरिंग में मारे गए लोगों के परिजनों को 25-25  लाख और प्रत्येक घायल को 5 लाख रुपये का मुआवज देने की मांग की।

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