अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारत से मजबूत होंगे संबंधः राजपक्षे

भारत से मजबूत होंगे संबंधः राजपक्षे

श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने भारत और श्रीलंका के बीच बेहतर और मधुर संबंधों की उम्मीद जताते हुए भारतीय उद्योगपतियों से देश के विकास में सहयोग करने का आग्रह किया है।

राजपक्षे ने ‘न्यूजवीक मैगजीन’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध और बेहतर बनेंगे। चीन और पाकिस्तान के साथ उनकी मित्रता के बारे में उन्होंने कहा कि भारत क्या सोचता है इससे ज्यादा महत्वपूर्ण उनके लिए कुछ नहीं है। भारत हमारा पड़ोसी और पक्का मित्र है। लेकिन मैं पूरे दक्षिण एशिया में मित्र चाहता हूं और इसलिए पाकिस्तान के साथ भी हम अच्छे संबंध रखना चाहते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि युद्ध के दौरान श्रीलंका का समर्थन करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और भारत के लोगों को धन्यवाद दिया है। राजपक्षे ने निकट भविष्य में तमिलनाडु की यात्रा पर जाने का संकेत भी दिया और कहा कि उनके वहां रिश्तेदार है और इस स्थान की यात्रा करने के लिए उन्हें आमंत्रण की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं परिवार और रिश्तेदारो के द्वारा भारत से जुड़ा हुआ हूं।

राजपक्षे ने कहा कि एक बेरहम व्यक्ति और उसके संगठन लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम (लिट्टे) से श्रीलंका के निर्दोष लोगों को बचाया गया है। उन्होंने कहा कि यह कोई व्यक्तिगत युद्ध नहीं था। किसी व्यक्तिगत कारण से मैंने युद्ध नहीं लड़ा। मेरी लड़ाई आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ दक्षिण एशियाई अभियान का एक हिस्सा थी।

श्रीलंका सेना द्वारा आगे निभाई जाने वाली भूमिका के बारे में राजपक्षे ने कहा कि उनकी अगली जिम्मेदारी उत्तर और पूर्वोत्तर में विस्थापित लोगों के राहत एवं पुनर्वास के काम में सहयोग करना है। लिट्टे ने देश के पूर्वोत्तर इलाके में 15 हजार वर्ग किलोमीटर भूमि पर कब्जा कर रखा था। लेकिन अगस्त 2006 में राजपक्षे के राष्ट्रपति बनने के बाद सेना ने उसके खिलाफ अभियान छेड़ दिया था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भारत से मजबूत होंगे संबंधः राजपक्षे