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झारखंड में शिक्षकों का टोटा, 25 हजार पद खाली, व्यवस्था ध्वस्त

झारखंड में प्राइमरी से लेकर प्लस-2 स्कूल तक शिक्षकों का टोटा है। राज्य में शिक्षकों का करीब 25 हजार पद रिक्त हैं। इससे शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है। सरकार भले ही गिनती के लिए पांच दर्जन प्लस-2 स्कूल खोल रखी है, लेकिन यहां पढ़ाने वाले शिक्षक स्वीकृत पद के दस फीसदी से भी कम हैं। प्राइमरी एवं हाइ स्कूलों का भी हाल खस्ता है।

राज्य के सभी जिले में शहरी क्षेत्र में बने रहने के लिए मारामारी है। ग्रामीण इलाके में कई हाईस्कूल इक्के-दुक्के शिक्षकों के भरोसे एवं प्राइमरी स्कूल तो पारा शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थापन के साथ ही शिक्षक कोई उपाए नहीं मिलने पर प्रतिनियोजन कराकर शहर में आ जाते हैं। पर्याप्त शिक्षक नहीं रहने के कारण इसका सीधा असर शिक्षण व्यवस्था पर पड़ रहा है। प्राइमरी में वैसे ही शिक्षकों की कमी है,वहीं दूसरी ओर से इनमें उच्च योग्यताधारी को हाइ स्कूल एवं प्लस-2 में प्रतिनियोजित कर दिया गया है। प्रतिनियोजनवाले शिक्षकों की संख्या 3500 है।

15 हजार से ज्यादा पदों पर नियुक्ति लंबित

जेपीएससी में प्राइमरी एवं हाई स्कूल के शिक्षकों की 15 हजार से ज्यादा नियुक्तियां लंबित है। प्राइमरी शिक्षक का एग्जाम हो चुका है। माध्यमिक शिक्षक एवं उर्दू शिक्षक की प्रक्रिया जारी है। अधिकारी कहते हैं कि इन पदों पर अनुशंसा हो जाने से काफी हद तक शिक्षकों की कमी हो जायेगी।

शिक्षकों के पद सृजन की कवायद

शिक्षा विभाग में 40 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद सृजन की कवायद चल रही है। सभी जिलों से रिक्तियों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। तीन जून को शिक्षा सचिव ने कोटिवार स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों का ब्योरा लेकर आने का निर्देश दिया है। सूत्रों की माने तो छात्र संख्या बढ़ने एवं शिक्षकों की कमी के मद्देनजर 40 हजार शिक्षकों के पद सृजन की तैयारी चल रही है।

क्लर्क बन गये दर्जनों शिक्षक

शिक्षकों की कमी के बावजूद राज्य में दर्जनों शिक्षक कार्यालय में प्रतिनियुक्त हैं। हालांकि इस संदर्भ में शिक्षा सचिव मृदुला सिन्हा ने सभी पदाधिकारियों को पत्र निर्गत किया है। इसमें साफ है कि 31 मई तक सभी शिक्षकों का प्रतिनियोजन रद्द किया जाये। साथ ही इन शिक्षकों का जून का वेतन स्कूल में पढ़ाने के बाद ही भुगतान किया जाये।  
 
स्कूल                                       स्वीकृत                              खाली
राजकीयकृत हाइ स्कूल              7009                                3388
राजकीय हाइ स्कूल                     799                                  439
प्रोजेक्ट स्कूल (1981-82)           1351                               298
प्रोजेक्ट स्कूल (1984-85)           505                                  337
उत्क्रमित हाइ स्कूल                   3718                                3718
प्राइमरी स्कूल                          58289  दस हजार से ज्यादा
बेसिक स्कूल                               ----                                       6000
मिडिल स्कूल                             ----                                     3000 पद सृजित
प्लस-2 स्कूल                            2589                                      236

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