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वरुण पर रचासुका

उग्र भाषण देने के मामले में जेल में बंद भाजपा प्रत्याशी वरुण गांधी रविवार को कानूनी शिंको में बुरी तरह फंस गये। यूपी सरकार ने देर शाम उनपर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगा दिया। इससे पहले उनपर हत्या का प्रयास और दंगा भड़काने का मामला दर्ज हुआ। रासुका से पहले वरुण पर धारा 147, 148, 1407, 332 और 336 के अलावा आईपीसी व जन सुरक्षा कानून की कुछ अन्य धाराएं लगी हुई थीं।अब अगर तीन माह के भीतर रासुका के आदेश का अनुमोदन हो गया, तो उन्हें एक साल तक जमानत नहीं मिलेगी। आदेश के खिलाफ वह हाइकोर्ट में रिट करने के अलावा राज्यपाल के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं। उन्हें आदेश की कॉपी मुहैया करा दी गई है।प्रशासन के सख्त रवैये को देख आशंका है कि चुनाव खत्म होने के बाद भी वरुण जेल से बाहर नहीं आ पायेंगे। रासुका की प्रक्रिया जटिल और लंबी है। यह कानून ऐसे व्यक्ित पर लगाया जाता है, जिससे जनता की सुरक्षा को खतरा पैदा होता हो। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह राजनीतिक कारणों, और राजनीतिक लाभ के लिए उठाया गया कदम है। पार्टी ने कहा कि वरुण हमार उम्मीदवार थे और रहेंगे चाहे उन्हें जेल से क्यों न लड़ना पड़े। पार्टी इसे जनता की अदालत में ले जायेगी। इससे पूर्व वरुण के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन में केस दर्ज हुआ था, जिसमें पार्टी के प्रदेश प्रभारी कलराज मिश्र, स्थानीय विधायक सुखलाल भी नामजद हैं।वरुण के खिलाफ दर्ज मामलों में से तीन में जमानत के लिए सोमवार को सुनवाई होगी। शनिवार को वरुण की गिरफ्तारी के बाद भाजपाइयों का पुलिस के साथ जमकर संघर्ष के बाद ही जेलर मुकेश अरोड़ा ने वरुण और उनके समर्थकों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई। जिला प्रशासन वरुण को किसी और जेल में भेजने पर भी विचार कर रहा है। वैसे वरुण पर रासुका की लगाने की अटकलें शनिवार को ही तेज हो गयी थीं।

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  • Web Title: वरुण पर रचासुका