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शहर के विकास के लिए डेढ़ अरब

 चंडीगढ़ सीवरेज और स्ट्रॉम वाटर सिस्टम की पुरानी लाइनों को बदला जाएगा। पेयजल आपूर्ति की नई लाइनें डलेंगी और दो और जगहों पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। सीवरेज, पेयजल की आपूर्ति और स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज सिस्टम में सुधार के लिए अगले पांच सालों में 160 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 

यह राशि केंद्र सरकार ने जवाहर लाल नेहरू नेशनल रिन्युयल मिशन प्रोग्राम (जेएनएनआरएम) के तहत मिलेगी। इस योजना के तहत प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए नगर निगम अब कंसल्टेंट को नियुक्त करने जा रहा है।

यहां खर्च होगा धन


धनास में 15 करोड़ सेक्टर 39 से धनास तक की पेयजल आपूर्ति पर खर्च होंगे। धनास से मलोया के बीच में सीवरेज की लाइन को डालने पर 12 करोड़ व बरसाती पानी की निकासी के लिए 30 करोड़ खर्च होंगे। इंडस्ट्रियल एरिया में सीवरेज सिस्टम पर 15 करोड़ का प्रावधान है। इंडस्ट्रियल एरिया में कनवजर्न पॉलिसी में बड़े-बड़े मॉल और मल्टीप्लेक्स खोल दिए गए हैं, लेकिन सीवरेज सिस्टम अभी भी पुराना है। मौलीजगरां में वाटर सप्लाई और सीवरेज के लिए सात करोड़ खर्च करने का प्रावधान किया ज रहा है। हल्लोमाजरा में सीवरेज सिस्टम मजबूत करने पर 5 करोड़ खर्च होंगे। 3 बीआरडी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर 45 करोड़ और कजहेड़ी के प्रस्तावित ट्रीटमेंट प्लांट पर 15 करोड़ खर्चने का प्रावधान किया गया है। जेएनएनआरयूएम के तहत नगर निगम को 46 करोड़ रुपए से ज्यादा तो मिल ही चुके हैं। इनमें वाटर सप्लाई के ऑटोमेशन सिस्टम और टर्शियरी ट्रीटेड वाटर की सप्लाई के प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। निगम आयुक्त डाक्टर रोशन संकारिया ने कहा है कि कंसल्टेंट की जल्द ही नियुक्ति कर दी जाएगी। 

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