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रैगिंग पर शिकंजा

नया सत्र शुरू होने में महज डेढ़ महीने बचे हैं। ऐसे समय में रैगिंग की घटना एजुकेशन हब के लिए अच्छा संकेत नहीं है। फै्रशर्स के साथ सैशन का नया चैप्टर शुरू करने से पहले कॉलेज प्रबंधन उन योजनाओं को बनाने में जुटा हुआ है, जिससे रैगिंग पर शिकंजा कसा जा सके। इसके लिए पैरेंट्स व स्टूडेंट्स से अंडरटेकिंग लिया जएगा।

जबकि, एंटी रैगिंग सेल का गठन करने के साथ हॉस्टल पर वॉर्डन व फैकेलिटी दोनों की निगाहें रहेंगी।
ग्रेटर नोएडा स्थित डीआईटी कॉलेज में हुई रैगिंग के बाद जिले में संचालित उच्च शिक्षण संस्थान हरकत में आ गए हैं। प्रवेश परीक्षा परिणाम व काउंसलिंग से पहले ही वे रैगिंग पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गए हैं। जिले में संचालित तीस से अधिक टेक्निकल  व मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (यूपीटीयू से संबद्ध) ने पहल करते हुए अपने कॉलेजों में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें करनी शुरू कर दी हैं। जिसमें एंटी रैगिंग कमेटी सेल व हॉस्टल सिक्योरिटी पर विशेष ध्यान दिया ज रहा है। क्योंकि रैगिंग की ज्यादातर घटनाएं हॉस्टलों में ही होती हैं। वहीं, दूसरी ओर शहर में संचालित छोटे-बड़े दूसरे इंस्टीट्यूट ने भी इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है।
क्या होगी हॉस्टल की व्यवस्था: पहले हॉस्टल में केवल वार्डन रहता था, लेकिन अब कई कॉलेज वहां पर फैकेलिटी की ड्यूटी लगाने के बारे में विचार कर रहे हैं। रात के वक्त हॉस्टलों पर उनकी विशेष निगाह रहेगी। हॉस्टल पर एंटी रैगिंग से संबंधित नोटिस चस्पा किए जएंगे।


डीन के नेतृत्व में काम करेगी एंटी रैगिंग सेल : एंटी रैगिंग सेल डीन के नेतृत्व में काम करेगी। जिसमें फैकेलिटी के साथ सीनियर्स स्टूडेंट भी शामिल होंगे। उनका काम रैगिंग करने वाले छात्रों पर नजर रखने के साथ फ्रेशर्स से मिलकर उनकी समस्याओं को सुलझना भी होगा।

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