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उग्रवादग्रस्त इलाके में चलेगी योजना

स्कूल आओ, खूब खाओ और घर जओ। कोई रोकने-टोकनेवाला नहीं होगा। परंतु यह व्यवस्था सिर्फ छुट्टी के दिन ही होगी। सरकारी स्कूल के छात्रों का मौज ही मौज रहेगा। अब छुट्टी के दिन पढ़ाई भले ही न हो, लेकिन भरपेट भोजन मिलेगा। केंद्र सरकार ने इस योजना को लागू करने का मन बनाया है। इसे लेकर सभी राज्यों से प्रस्ताव मांगे गये हैं। झरखंड सरकार ने इसका प्रस्ताव तैयार कर केंद्र को भेज दिया है। यह योजना उग्रवादग्रस्त इलाकों के लिए शुरू होगी।

लगातार छुट्टी (अधिक दिनों तक स्कूल बंद रहने)के कारण कई छात्र ड्राप आउट हो जते थे। गरीब इलाके में तो छात्र भोजन के लिए कचड़ा चूनने समेत अन्य काम में जुट जते हैं। इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर होता है। पहले से पढ़े चीजों को भी भूल जते हैं। दोबारा स्कूल आने का उनका एकमात्र मकसद भोजन ही होता है। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र ने यह योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी की है।

वैसे झरखंड सरकार ने राज्य के सभी जिलों का नाम इस योजना के लिए भेज है। जनकार बताते हैं कि अब तो यह योजना छुट्टी में भी कुलबुलाते आंतों के लिए वरदान साबित होगा। हालांकि इससे शिक्षकों की परेशानी बढ़नेवाली है।

हाइ स्कूल में कक्षा आठवीं तक भी मिड डे मिल योजना शुरू हो गयी है। सरस्वती वाहिनी का गठन हो चुका है। सभी हाइ स्कूलों में खाद्यान भेज दिया गया है। राशि का आवंटन भी हो चुका है। जून से तकरीबन सभी हाइस्कूलों में कक्षा आठवीं तक मध्याह्न् भोजन शुरू हो जयेगा।

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  • Web Title:अब छुट्टी में भी मिड डे मिल