अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बीएचयू के शिक्षक ने जांच पर लगाया सवालिया निशान

बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग की फार्मेसी डिप्लोमा परीक्षा 2002 के मूल्यांकन में गड़बड़ी में नाम घसीटे जने पर बीएचयू प्रौद्योगिकी संस्थान के डा. विकास कुमार ने आपत्ति जताई है। उन्होंने बिहार सरकार के विजिलेंस ब्यूरो के एडीजी व एसएसपी के साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर जंच पर सवालिया निशान लगाया है।

डा. विकास का कहना है कि न मैं परीक्षा बोर्ड अथवा मुख्य निरीक्षक द्वारा जंच निरीक्षक नियुक्त किया गया, न बोर्ड की उत्तरपुस्तिकाएं जंचीं और न ही कोई पारिश्रमिक प्राप्त किया। मैंने कहीं किसी संदर्भ में कोई हस्ताक्षर भी नहीं किया। मुङो लगता है कि किसी ने मेरे नाम व पद का दुरुपयोग करते हुए जली हस्ताक्षर किए हैं। मुङो झूठी न्यायिक प्रक्रिया में फंसाया गया है। बिहार की फार्मेसी डिप्लोमा परीक्षा 2002 की उत्तरपुस्तिकाएं बीएचयू में भेजी गई थीं। बाद में दोबारा जांच होने पर मूल्यांकन में काफी गड़बड़ियों की बात सामने आई। इसमें बीएचयू आईटी के फार्मेसी विभाग के रीडर डा. विकास कुमार का नाम भी प्रकाश में आया था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बीएचयू के शिक्षक ने जांच पर लगाया सवालिया निशान