अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नदियों में उफान से अररिया के डेढ़ दजर्न गांवों में पानी घुसा

मानसून शुरू होते ही नदियों में उफान आने से जिले के लगभग डेढ़ दजर्न गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सैकड़ों एकड़ में लगी गरमा धान व पाट की फसल डूब गयी है। दजर्नों गांवों का सड़क संपर्क भंग हो गया है। बटूरबाड़ी मेटन मुख्यमंत्री सड़क पर भलुआ नदी पर बना पुल का एप्रोच बहने से लगभग 40 हजर की आबादी प्रभावित हुई है।

नदियों की कटान शुरू हो गई है। घरों का नदी में विलीन होना जरी है। फारबिसगंज में परमान नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि से प्रखंड की आधा दजर्न पंचायतें जलमग्न हो गयी हैं। प्रभावित पंचायतों में खरखां, अम्हारा, मझुवा, रमई, कुसमाहा प्रमुख हैं। इन पंचायतों में गरमा धान, पटसन, मूंग आदि की फसल पानी में डूब गई है।

इधर बकरा नदी में आयी बाढ़ से कई डायवर्सन के ध्वस्त होने से जिला मुख्यालय से गांवों का संपर्क भंग हो गया है। जोकीहाट के मझुआ सतबीट्टा तारण, मजगामा आदि गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

कुर्साकांटा प्रखंड में लोहंदरा, भलुवा, कटरिया, तेलनिया नदी में आई बाढ़ से प्रखंड के रहटमीना, सौरगांव, धनगामा, फकीरना, चिकनी, अरताहा, मैदान तौली, मिल्की, बरकुरबा, परबत्ता, सकरदीना, पलासमणि, सिकटिया आदि गांव के खेतों में लगी फसल डूब गई है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सैकड़ों एकड़ गरमा धान, पाट व मूंग की फसल डूबी