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गर देना हो इस्तीफा

इस्तीफा या त्यागपत्र इस बात की औपचारिक घोषणा होती है कि आप अपने संगठन या कंपनी को छोड़ रहे हैं। चूंकि ये कंपनी के साथ आपका आखिरी कम्युनिकेशन होता है, इसलिए पूरी सावधानी बरतें कि त्यागपत्र सही ढंग से ही लिखा जए। दरअसल त्यागपत्र लिखते समय कुछ बातों को दिमाग में रखना बेहद जरूरी होता है। सबसे बड़ी बात ये है कि कंपनी से संबंध-विच्छेद का ये दस्तावेज बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए और ये भी कि इसे उचित अधिकारी को ही संबोधित करना चाहिए। 

-  त्यागपत्र लिखने से पहले अपने नियुक्ित या संविदा पत्र को एक बार अवश्य पढ़ लें। इसमें आपकी सेवाओं को किसी भी पक्ष द्वारा खत्म किए जने को लेकर दिशा निर्देश होते हैं, जिनका पालन करना आवश्यक होता है।

- इस्तीफा अनावश्यक तौर पर लंबा नहीं हो, इसका ध्यान रखें। विनम्रता में अपना मंतव्य दर्ज करना चाहिए। 

-त्यागपत्र में शब्दों का इस्तेमाल सोच समझ कर करें। 

-त्यागपत्र का स्वरूप पेशेवर ही होना चाहिए। नौकरी छोड़ने की वजह या माहौल कैसा भी रहा हो, त्यागपत्र की भाषा अपमानजनक या भावनात्मक नहीं होनी चाहिए। 

-त्यागपत्र अपने विभाग के प्रमुख या एचआर हेड को संबोधित करके लिखा ज सकता है। अन्य अधिकारियों, जिनसे आपका प्रत्यक्ष सामना नहीं होता, जसे कि सीईओ या चेयरमेन, को इस्तीफा भेजना समझदारी नहीं मानी जती।

-त्यागपत्र के पहले अनुच्छेद में आपको कंपनी छोड़ने के अपने निर्णय का कारण स्पष्ट करना चाहिए। ये भी बताना चाहिए कि आप किस तारीख से नौकरी छोड़ रहे हैं।

-त्यागपत्र देते समय इतनी शालीनता ारूर बरतें कि कंपनी को आपका कार्य किसी और कर्मचारी को सौंपने के लिए पर्याप्त समय मिल जए। अचानक इस्तीफा देकर चलते बनना अच्छी बात नहीं है। हो सके, तो आप स्वयं नए कर्मचारी को पूरा काम सिखा-समझकर ही कार्यमुक्त हों। 

-त्यागपत्र के दूसरे अनुच्छेद में कंपनी में अपने कार्यकाल के दौरान हासिल किए गए विशेष अनुभव और हुनर का ब्यौरा दें, और अगले पैरे में इसके लिए शुक्रिया अदा करें। 

और अंत में, अपने इस्तीफे के मजमून की चर्चा अन्य कर्मचारियों के साथ न करें।

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