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खुशी के पल

इस तेज रफ्तार जिंदगी में हर शख्स के पास समय की कमी है। ऐसे में जीवन में लोगों के पास खुशी के पल कम ही आ पाते हैं। उनके लिए लोग कृत्रिम साधनों का सहारा लेते हैं। सेहत के लिहाज से खुश रहना फायदेमंद होता है। जब हम खुश होते हैं, तो शरीर में कुछ हार्मोन जसे एड्रेलिन, डोपामाइन का स्तर बढ़ता है। हृदय मजबूत होता है, चेहरे पर चमक आती है। डॉक्टर कहते हैं कि खुशी के दौरान न्यूट्रोट्रांसमीटर, नर्वस सिस्टम को केमिकल भेजता है। मोटे तौर पर कहा जए, खुश रहेंगे, तो स्वस्थ रहेंगे। लेकिन अगर गौर से देखें तो इन व्यस्त हालात में भी हम अपने लिए कुछ हंसी के पल तलाश सकते हैं।  

- अपने नजरिए में बदलाव लाने की कोशिश करें। हमेशा चीजों के सकारात्मक पक्ष को देखें। 

- गुदगुदाने वाले पिक्चरें, तस्वीरें देखें। जिससे आप कुछ पल के लिए ही सही अपनी चिंताएं भूल सकेंगे। 

-प्रतिदिन किसी प्रोत्साहित करने वाली किताब के कुछ पन्ने या अखबारों में प्रोत्साहन से जुड़े कॉलम पढें़। 

-अपने विचारों की तरफ गौर करें। इस बात पर गौर करिएगा कि जीवन से नकारात्मक विचारों को निकालने से    आप आराम महसूस करेंगे और स्वयं को ऊज्रवान महसूस करेंगे।

 - जब आप परेशान हों तो आप ऐसे काम देखें जिनको आप कर चुके हैं। इससे आपकी हताशा कम होगी। 

-प्रतिदिन अपने लिए कुछ अच्छा करें। उदाहरण के तौर पर अपने लिए कभी कोई किताब खरीद लें, टीवी पर अपने पसंदीदा प्रोग्राम देखें।

 -खुशमिजाज और सकारात्मक विचार वाले लोगों के साथ रहें ताकि आपकी जिंदगी भी मुस्कराती रहें।  

-अपने स्वास्थ्य को सही रखना भी खुशी पाने का एक तरीका है। शोध के मुताबिक ज्यादा वजन और पोषक तत्वों के कम इस्तेमाल का भी आपके मिजज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। 

-समाधान सोचें, न कि समस्याएं। 

-दोस्त सावधानी से चुनें। ऐसे दोस्त चुनें जिनके साथ आप ज्यादा समय बिताते हों और जो आपको प्रोत्साहित करते हों। 

-ऐसे क्लब में शामिल हों जिसके लोग आपको दौड़ने, स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करते हों। साथ ही वह लोग सामाजिक हों।

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