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नरेगा को लेकर जिले की सरगर्मी बढ़ी, 5.39 करोड़ रुपये की दरकार

ग्रामीण विकास विभाग ने बीते वित्तीय वर्ष 2008-09 में राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना मद में जिला परिषद से पारित ढ़ाई सौ से अधिक योजनाओं को बाढ़ का कहर शुरू होने के पूर्व पूरा करने का टास्क दिया है। इसके मद्देनजर जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सह डीडीसी मो. नईम अख्तर ने डीएम विपिन कुमार से शेष कार्यो को समय रहते निपटाने का अनुरोध किया है।

जनकारी के अनुसार जिले में नरेगा की लंबित योजनाओं को पूरा करने के लिए 5.39 करोड़ रुपये की दरकार है। डीडीसी के अनुसार बीते वर्ष जिला परिषद ने 253 योजनओं को पारित किया था। उसके लिए अबतक 11.44 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये ज चुके हैं। 5.39 करोड़ रुपये के अभाव में कई योजनाएं लंबित है।

गत वर्ष जिले के 16 प्रखंडों में 16.83 करोड़ रुपये का प्राक्कलन बना था। इधर, डीएम सह कार्यक्रम समन्वयक ने नरेगा मद में जिला से सीधे पंचायतों को राशि भेजने की नई व्यवस्था लागू कर दी है। विभागीय निर्देश के आलोक में उन्होंने सभी प्रखंड कार्यक्रम अधिकारियों को अधिकाधिक जॉब कार्ड जरी करने और रोजगार मुहैया कराने का निर्देश दिया है।

उधर, विभागीय निर्देशानुसार शिथिलता के कारण जिन पंचायतों में लक्ष्य के विरुद्ध नरेगा की प्रगति कम या शून्य है उन पंचायतों से आवंटित राशि वापस लेकर कार्यकारी एजेंसी से बची योजनाओं को पूरा कराया जएगा। वहीं, वर्ष 08-09 तक हुए नरेगा के कार्यों की जंच की तैयारी भी चल रही है।

विभाग ने इस काम का जिम्मा पटना के सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवेलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) को सौंपा है। प्रत्येक प्रखंड में रैंडमली चुने गये एक-एक पंचायत को मूल्यांकन का आधार बनाया जएगा।

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  • Web Title:बाढ़ से पहले सभी योजनाओं को पूरा करें