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कैरियर का सबसे कड़ा दौर था आईपीएल : ईशांत

कैरियर का सबसे कड़ा दौर था आईपीएल : ईशांत

तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने हाल में संपन्न इंडियन प्रीमियर लीग को अपने कैरियर का सबसे कड़ा दौर करार देते हुए बुधवार को नई दिल्ली में कहा कि वह दक्षिण अफ्रीका की कड़वी यादों को भुलाकर इंग्लैंड में अगले महीने वाले टवेंटी20 विश्व चैंपियनशिप में नये सिरे से शुरुआत करेंगे।

ईशांत आईपीएल में स्वयं प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पाये और उनकी टीम कोलकाता नाइटराइडर्स तो केवल तीन मैच में ही जीत दर्ज कर पायी और सबसे निचले पायदान पर रही। आलम यह रहा कि शाहरूख खान के स्वामित्व वाली टीम को लगातार नौ मैच में हार का सामना करना पड़ा।

दायें हाथ के इस तेज गेंदबाज ने आज नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में पत्रकारों से कहा कि मैं इससे पहले दिल्ली और भारत की तरफ से खेला लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ जबकि हमारी टीम लगातार नौ मैच हारी हो। यह मेरे कैरियर का सबसे कड़ा दौर था। मैंने कभी इतने करीबी मैच, सुपर ओवर, कैच छोड़ना और लगातार हार नहीं देखी थी। यह सिर्फ मेरे लिये नहीं बल्कि पूरी टीम के लिये सबक था।

ईशांत ने इस टवेंटी20 टूर्नामेंट में स्वयं के प्रदर्शन के बारे में कहा कि मैं एक या दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया विशेषकर बेंगलूरु के खिलाफ 12 मई को सेंचुरियन में खेले गए मुकाबले में मैंने विषम क्षणों में नो बाल कर दी और हम मैच हार गये। इस तरह की गलतियों से मैं सीखूंगा।

ईशांत ने इंग्लैंड में पांच जून से शुरू हो रही टवेंटी20 चैंपियनशिप के लिये भारतीय टीम को खिताब का प्रबल दावेदार बताया जो कि मौजूदा चैंपियन भी है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड की परिस्थितियों में अंतर है और वहां उन्हें जल्दी तालमेल बिठाना होगा।

दिल्ली के इस तेज गेंदबाज ने कहा कि टवेंटी20 में किसी के बारे में यह नहीं कहा ज सकता कि वही टीम जीतेगी। इसमें बहुत कम मौके मिलते हैं और जो टीम उन्हें भुनाएगी वह फायदे में रहेगी। निश्चित तौर पर हमारी टीम बहुत अच्छी है और हमने आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अच्छा प्रदर्शन किया है तो वहां भी मुझे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड की परिस्थितियां एक जैसी नहीं हैं लेकिन गेंदबाजों के लिये यह अच्छा है कि उन्हें विदेशों में हमेशा अच्छी उछाल मिलती है। इंग्लैंड के पिछले दौरे में मैंने, जहीर खान, आरपी सिंह सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया थां मुझे लगता है कि हम जितनी जल्दी वहां की परिस्थितियों से तालमेल बिठाएंगे उतना टीम फायदे में रहेगी।

ईशांत ने इस बात को भी नकार दिया कि अत्याधिक क्रिकेट के कारण खिलाड़ियों पर थकान हावी है। उन्होंने कहा कि हम सब पेशेवर क्रिकेटर हैं और जानते हैं कि थकान और दबाव से कैसे निबटना है।

छरहरे बदन के इस गेंदबाज ने कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान में बदलाव संबंधी सवालों को यह कहकर टाल दिया कि कि पूरी टीम ने ही अच्छा खेल नहीं दिखाया और इसलिए कप्तान हार के लिये जिम्मेदार नहीं है।

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