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कार चोरी के 1000 केस सुलझाने का दावा, नेपाल तक फैला था नेटवर्क

दिल्ली से लग्जरी कार पर हाथ साफ कर उसे 24 घंटे के भीतर पूर्वोत्तर राज्य व नेपाल में पहुंचा दिया जाता था। आटो लिफ्टर का यह गैंग एक नहीं दो नहीं पूरी 1000 से अधिक कारें दिल्ली और आसपास के इलाकों से चोरी कर पूर्वोत्तर राज्यों में पहुंचा चुका था। करीब दो साल से पुलिस के लिए सिरदर्द बने इस गैंग का पर्दाफाश कर क्राइम ब्रांच ने नौ आटो लिफ्टर गिरफ्तार किए हैं। इनमें से चार लिफ्टर मकोका के मामले में वांटेड हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर छह लग्जरी कारें बरामद की हैं, जबकि 50 चोरी के मामले लिंक किया जा चुके हैं।

अभियुक्तों के नाम मोती उर्र रहमन उर्फ मोती, रवि उर्फ भूप सिंह, पवन उर्फ अमन, हितेश चौधरी, जगजीत सिंह, विपिन उर्फ छोटृ, अमीर, आकाश थापा तथा ओमप्रकाश है। यह जानकारी अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त सत्येंद्र गर्ग ने संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने बताया कि स्पेशल टीम के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि कई सालों से आटो लिफ्टिंग करने वाला एक गैंग इंटरस्टेट स्तर पर सक्रिय है जो कम से कम एक हजार लग्जरी कारें चोरी कर राज्य तथा नेपाल में बेच चुका है। इनमें मोती उर्र रहमान वाहन खरीदता है और रवि अपने साथियों के साथ मिल कर वाहन चोरी करता है।

मोती के बारे में और जानकारी जुटा कर पुलिस टीम ने उसे गुवहाटी से उस समय दबोच लिया जब वह होंडा सिटी कार को बेच रहा था। यह कार कीर्ति नगर दिल्ली से चोरी हुई थी। उसकी निशानदेही पर हितेश, जगजीत तथा पवन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। चारों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया। पूछताछ के दौरान इनकी निशानदेही पर रवि को चोरी की होंडा सिटी कार सहित दबोच लिया गया। इसके बाद अलग अलग स्थानों से इस गैंग के चार सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। रवि गैंग लीडर है उसके अलावा विपिन,मोती तथा पवन की मकोका मामले में तलाश थी।

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  • Web Title:आटो लिफ्टर गैंग का जाल नेपाल का फैला था