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प्रॉपर्टी में निवेश

इस दौर में अगर आप घर खरीदने के इच्छुक हैं या फिर रियल एस्टेट में निवेश करना चाहते हैं तो किसी भी फैसले से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जब तक निवेश को जारी रख सकते हैं करें। वजह बिलकुल स्पष्ट है। दीर्घकाल में इक्विटी के बाद सबसे बेहतर रिटर्न रियल एस्टेट से मिलता है। बाद में जब रेजीडेंशियल यूनिट में मांग और पूíत का फॉमरूला काम करेगा, उस दौरान यह आपके लिए फायदेमंद रहेगा। अपने निवेश को सिर्फ उसी स्थिति में निकालें जब आपको उसे जरी रखने में दिक्कत आ रही हो।

जैसा कि आप जनते हैं कि रियल एस्टेट दीर्घकाल में बेहतर रिटर्न देता है। दूसरे असेट क्लास की तुलना में इससे बाहर निकलना उतना आसान नहीं है। इस दौर में प्रॉपर्टी बेचते समय आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस दौर में खरीदार ये जनता है कि आप किन हालात में प्रॉपर्टी को बेच रहे हैं। इसलिए वह आपसे ज्यादा मोल-भाव करेगा। कीमत जनने के लिए आपको वास्तविकता के धरातल पर सोचना होगा।

अपने क्षेत्र में प्रॉपर्टी के दाम क्या चल रहे हैं इसकी पड़ताल करें। अगर प्रॉपर्टी की कीमतों को लेकर ज्यादा कशमकश है, तो प्रॉपर्टी पोर्टल आपको कीमतों के बारे में सही जनकारी देंगे। अगर आपके पास सरप्लस फंड है तो ईएमआई बढ़ाने के बजए आप प्रिंसिपल का पार्ट प्रीमेंट करें। इससे आपका प्रिंसिपल अमाउंट कम हो जएगा, जिससे आपका समय भी कम हो जएगा। दूसरे शब्दों में कहें तो आपकी ब्याज दर भी कम होगी।

रियल एस्टेट के विज्ञापन में यह दिखाया जता है कि यह सेक्टर 11 से 12 प्रतिशत का रिटर्न दे रहा है। ऐसे झंसों में न आएं। जब प्राइवेट इक्विटी फंड रियल इस्टेट डेवलपर के साथ निवेश करते हैं तो वह कम से कम 20 प्रतिशत के रिटर्न की आशा करते हैं। ऐसे में अगर आपके पास फंड है तो उन्हें बैंक के फिक्सड डिपॉजिट सरीखे सुरक्षित विकल्पों में निवेश करें।

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