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पानी और तलवार की जंग

पानी जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है। जिसके बिना जीवन संभव नहीं है। हमारे देश ने चाहे जितनी उन्नति कर ली हो, सूचना तकनीक और कंप्यूटर विज्ञान आदि में झंडे गाढ़ दिए हों, किन्तु यह कड़वा सच है कि इस देश के अधिकतर नागरिकों को आज भी स्वच्छ पेय जल उपलब्ध नहीं है।   पिछले दिनों देश की राजधानी और महानगर के किनारे पर स्थित एक    शहर में पानी के लिए तलवारें चल गई तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि यही स्थिति दिल्ली की भी है। दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी के लिए रोजना तलवारें तनी रहती हैं। इस समस्या की ओर समय रहते ध्यान देना आवश्यक है।

सुरेन्द्र कुमार, नजफगढ़, दिल्ली

राहुल बनें मंत्री

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होना चाहिए। लोकसभा चुनाव में पार्टी को देश भर में जिस तरह की सफलता मिली है, उसमें उनका भी महत्वपूर्ण योगदान है। राहुल के प्रशंसक अब उन्हें सरकार में शामिल देखना चाहते हैं। राहुल का यह डर मिथ्या है कि उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने से सरकार में सत्ता के दो केंद्र बन जएंगे। दरअसल, यह सब उन पर ही निर्भर करता है कि उनकी मंशा क्या है। जब तक वे नहीं चाहेंगे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की हैसियत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मंत्रिमंडल में शामिल होकर राहुल को अब जनता के लिए ठोस काम करना चाहिए।

रघुवीर सेठी, पंचकूला

राजनीति की विरासत

देश की सभी राजनीतिक पार्टियां अब युवाओं को अपनी टीम में शामिल करने   की होड़ में है।  गौर से देखें तो इस बार चुनाव में जितने भी युवा सांसद चुने गए हैं, अपने पिता के राजनीतिक विरासत के बल बूते ही जीते हैं। एक आम युवा चुनाव में जीत ही नहीं सकता।

दिलीप लोढ़ा, रायपुर, छत्तीसगढ़

सोनिया को बधाई

सोनिया जी आपने ऐसी खीर बनाई
जिसमें है कोरी मलाई ही मलाई
चाट-चाट कर खा रहे कांग्रेसी भाई
उन्हें ये समझ में आई या न आई
कि कांग्रेस ने ऐसी जीत कैसे पाई
ये है सोनिया-राहुल-प्रियंका की माई
सोनिया जी आपको बधाई।

रोशन लाल बाली, नई दिल्ली

जनता भी जिम्मेदार

वर्तमान समय में भ्रष्ट हो चुके राजनीतिक तंत्र के लिए किसे दोषी माना जए, भ्रष्ट नेताओं को या फिर जनता को जो ऐसे प्रतिनिधियों का चुनाव करती है। सही मायनों में तो जनता भी बराबर की दोषी है, क्योंकि जनता द्वारा चुने गए कई भ्रष्ट    नेता अपनी शक्ित का गलत इस्तेमाल करते हैं। वर्तमान में राजनीति में अपराधीकरण हावी हो रहा है। ऐसे    में हम कहते हैं कि ऐसे अपराधियों को टिकट ही न दिया जए, लेकिन उस समय हमारे दिमाग में ये बातें क्यों नहीं  आती जनता को समझना चाहिए कि यदि इन सबको कोई नियंत्रित कर सकता है तो वे आप हैं। अपने मत का उचित प्रयोग  करें, योग्य उम्मीदवार का चयन करें। अपने मत के प्रति उदासीनता या    लालच में आकर मतदान करना आपको ही नहीं, बल्कि आपके कारण पूरे     देश को महंगा पड़ सकता है।

कार्तिकेय सेमवाल,  देहरादून

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