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भाजपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाए

भाजपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाए

श्रीगंगानगर। राजस्थान में लोकसभा चुनावों में हार के कारणों पर विचार के लिए रविवार को आयोजित बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय नेतृत्व और उसकी नीतियों पर ही सवाल उठा दिए। इससे बैठक में आए प्रदेश महामंत्री मदनलाल सैनी भी हक्के बक्के रह गए।

 भाजपा कार्यालय में हुई इस बैठक में कार्यकर्ताओं ने पूरी तरह से अपनी मन की भड़ास निकाली। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि गंगानगर में हालांकि प्रत्याशी निहालचंद के प्रति नाराजगी की भावना थी लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व भी कोई सही नीति बनाने में नाकाम रहा।

कार्यकत्ताओं ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेता यह तय ही नहीं कर पा रहे कि पार्टी को किन नीतियों के आधार पर आगे बढ़ना है। चुनावों के समय राम मंदिर का नारा लगा दिया जाता है। पर सत्ता में आने के बाद इसे भुला दिया जाता है।

 तीखे तेवर अपनाते हुए कार्यकर्ताओं ने अपनी उपेक्षा पर भी कड़ा रोष जताया और कहा कि वरिष्ठ नेता चुनाव के समय ही उन्हें मतलब पड़ने पर उन्हें सिद्वांतों और नियमों का पाठ पढ़ाने की कोशिश की जाती है यही वजह है कि निराश होकर कार्यकर्ता चाहे अपना वोट पार्टी को भले ही दे दे लेकिन वे अन्य लोगों को इसके लिए प्रेरित नहीं कर पाते।
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राष्ट्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए यह भी पूछा गया कि उदारवादी छवि के अटल बिहारी वाजपेई को चुनाव अभियान से दरकिनार क्यों किया गया यहां तक कि पोस्टरों पर भी उनका नाम या फोटो नहीं दी गई। जबकि वह अभी भी देश के अधिकांश वर्ग में कद्दावरँ नेता की छवि रखते है।
 
बाद में प्रदेश महामंत्री मदनलाल सैनी को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता हार से निराश नहीं हो। पार्टी एक बार फिर सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि हार पर राष्ट्रीय नेतृत्व भी चिंतन कर रहा है इसके अच्छे नतीजे आएंगे।

 

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