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चार में केवल एक पूर्व ब्यूरोक्रेट ही पहुँचे संसद

नौकरशाही की पारी खेल कर सियासी पिच पर उतर चार पूर्व ब्यूरोक्रेटों में सिर्फ पीएल पुनिया को ही वोटरों ने संसद का ‘प्रवेश पत्र’ सौंपा। वे बाराबंकी से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। बुलंदशहर से भाग्य आजमाने वाले देवी दयाल और नगीना से खम ठोंकने वाले आर.के.सिंह को वोटरों से ‘विजयी भव:’का आशीर्वाद नहीं मिला,ाबकि निर्दल लड़े जगन्नाथ सिंह की जमानत जब्त हो गई। पूर्व ब्यूरोक्रेट्स का यूपी की सियासी जमीन पर भाग्य आजमाने का पुराना शगल रहा है। इस बार सेवानिवृत्त आईएएस जगन्नाथ सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में बांदा से भाग्य आजमाया, जबकि पूर्व आईएएस देवी दयाल ‘पंजा’ निशान के साथ बुलंदशहर के चुनावी अखाड़े में कूदे। आरके सिंह ने बसपा के टिकट पर नगीना से भाग्य आजमाया। उनकी पत्नी बसपा की विधायक हैं। मायावती और मुलायम सिंह यादव की सरकार में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव जसे महत्वपूर्ण पद पर रह चुके पूर्व आईएएस पीएल पुनिया कांग्रेस के टिकट पर बाराबंकी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़े। वे इसी संसदीय सीट के तहत फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े थे लेकिन जीत नहीं पाए थे। लेकिन संसदीय चुनाव में उन्हें जीत मिली। बाराबंकी सीट पर सत्तारुढ़ बसपा की भी खासी दिलचस्पी थी। इसके बावजूद वे भारी मतों से जीते और इस चुनाव में विजयी होने वाले इकलौते पूर्व ब्यूरोक्रेट बन गए।ड्ढr

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