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कुछ रचावाड़े चमके तो कुछ का सूर्य अस्त

राजमहलों से निकलकर लोकसभा महासमर में गाँव-गाँव धूल छानने वाले प्रदेश के कई राजघरानों का भाग्य चमका है तो बहुत से ऐसे भी रहे जिनसे मतदाताओं ने मुँह मोड़ लिया। राजघरानों से सम्बंधित जिन लोगों का सितारा बुलन्द रहा उनमें प्रतापगढ़ कालाकांकर स्टेट के राजा दिनेश सिंह की पुत्री राजकुमारी रत्ना सिंह, अमेठी के राजघराने से सम्बंधित डा. संजय सिंह, पडरौना के कुंवर आरपीएन सिंह शामिल हैं। जिन प्रमुख राजघरानों को मतदाताओं ने ठुकरा दिया, उनमें अयोध्या के राजा बिमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र, गोण्डा की मनकापुर स्टेट के कुंवर कीर्तिवर्धन सिंह, बाह के राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह, बांसी के राजा जय प्रताप सिंह, राजस्थान की डूंगरपुर रियासत से सम्बंधित कुंवर मानवेन्द्र िंसंह तथा रामपुर की बेगम नूरबानो शामिल हैं।ड्ढr प्रदेश की राजनीति में राजा-रजवाड़ों का हमेशा से जोर रहा है। विभिन्न दलों की बैसाखी पकड॥कर ये लोकसभा और विधानसभा में हमेशा से जाते रहे हैं। इलाहाबाद की माँडा रियासत के राजा विश्वनाथ प्रताप सिंह तो प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुँचे थे, लेकिन उनके पुत्र अजेय सिंह फतेहपुर से हार गए। इस बार के लोकसभा चुनाव में सबसे रोचक लड़ाई दो राजघरानों के बीच प्रतापगढ़ में लड़ी गई। एक ओर कालांकाकर स्टेट की राजकुमारी रत्ना सिंह कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थीं तो सपा से भदरी स्टेट के ‘राजा भैया’ रघुराज प्रताप सिंह के चचेरे भाई अक्षय प्रताप सिंह सपा से प्रत्याशी से। पिछले चुनाव में अक्षयप्रताप सिंह ने रत्ना सिंह को पराजित कर दिया था लेकिन इस बार रत्ना सिंह ने 26 हजार से अधिक वोटों से विजय पताका फहराकर अपनी हार का बदला ले लिया। कुशीनगर से विजयी कांग्रेस के कुंवर आरपीएन सिंह पडरौना के सैंथवार राजाओं के परिवार से आते हैं। सैंथवारों ने 1625 में मुगलों के विरुद्ध संघर्ष किया था और यह अभी भी पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार की बड़ी शक्ित बने हुए हैं। आरपीएन सिंह पडरौना विधानसभा क्षेत्र से इस समय विधायक भी हैं।ड्ढr अयोध्या के राजा बिमलेन्द्र मोहन ने फैजाबाद से, बांसी के राजा जयप्रताप सिंह ने डुमरियागंज, राजस्थान की रियासत के कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने तथा बाह आगरा के राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह ने फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ा था मगर वे मुख्य मुकाबले में ही नहीं रह पाए। रामपुर के नवाब जुल्फिकार अली खान की बेगम नूर बानो तथा गोण्डा की मनकापुर स्टेट के कीर्तिवर्धन सिंह अपने चुनाव क्षेत्रों में जरूर दूसरे नम्बर पर रहे। मथुरा में राजघराने से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस के मानवेन्द्र सिंह इस बार अपनी सांसदी नहीं बचा पाए।ड्ढr

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