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राजद-सपा बिना बनेगी सरकार!

वीं लोकसभा में कांग्रेस नीत यूपीए ने जनादेश स्वीकार करते हुए नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस की बैठकों का दौर शुरू होने के साथ ही किसे कैबिनेट में शामिल किया जाए और संप्रग के किस घटक को कौन सा मंत्रालय दिया जाए, इस पर भी मंथन शुरू हो गया है। खास बात यह है कि गठबंधन इस बार सपा और राजद को सरकार से दूर रख सकता है। ऐसे संकेत रविवार को कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में मिले। सूत्रों के अनुसार कार्यसमिति में बिहार के सदस्यडा. अशोक कुमार ने लालू प्रसाद को मंत्रिमंडल में शामिल करने के मुद्दे पर अपना विरोध जताया। उन्होंने लालू द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस में कांग्रस को घसीटने के कारण पार्टी को हुई क्षति का जिक्र किया।ड्ढr ड्ढr बैठक में विभिन्न मुद्दों के साथ-साथ संभावित यूपीए सरकार को समर्थन देने वाले दलों पर भी चर्चा हुई।ड्ढr बैठक में इस बात को स्वीकार किया गया कि देश की जनता ने चुनाव पूर्व गठबंधन को बहुमत दिया है। बैठक के बाद पार्टी के प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने बताया कि 1मई को सुबह में पार्टी के संसदीय दल की बैठक होगी जिसमें पार्टी के संसदीय दल का नेता चुना जाएगा। माना जा रहा है कि मनमोहन ही संसदीय दल के नेता चुने जाएंगे। सूत्रों के अनुसार मनमोहन 20 मई को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। द्विवेदी ने बताया कि 20 को ही कांग्रस के सहयोगी दलों की भी बैठक होगी। इस बैठक में लालू, पासवान और मुलायम को न्योता नहीं दिया गया है। इस बीच कांग्रस सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह सोमवार दोपहर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मिलकर अपने मंत्रिमंडल का इस्तीफा सौंप देंगे। लेकिन उससे पहले सुबह 10 बजे केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होगी जिसमें 14वीं लोकसभा भंग करने तथा मंत्रिमंडल के इस्तीफे का प्रस्ताव पारित होगा। सूत्रों के अनुसार अभी यह तय नहीं है कि राष्ट्रपति मनमोहन सिंह को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगी या फिर डा. सिंह सरकार बनाने का दावा श्रीमती पाटिल के सामने पेश करेंगे। इससे पहले रविवार को ही कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक में देश के राजनीतिक हालात और सरकार गठन के बारे में चर्चा की गई।ड्ढr ड्ढr कोर कमेटी की बैठक मनमोहन सिंह के आवास सात रेसकोर्स पर हुई जिसमें मनमोहन के साथ-साथ सोनिया गांधी, उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और एके एंटनी ने भी हिस्सा लिया। कोर कमेटी की यह बैठक चुनाव परिणाम आन के बाद पहली उच्चस्तरीय बैठक थी जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने चर्चा की कि सरकार गठन में निर्दलीय सांसदों का समर्थन लिया जाए या फिर सपा और राजद जैसे चौथे मोर्चे के दलों की मदद ली जाए। संप्रग को सरकार बनान के लिए करीब एक दर्जन सदस्यों के समर्थन की जरूरत है। इस बीच यूपीए ने सारा ध्यान इस बात पर लगा दिया है कि उसकी भावी सरकार में सहयोगी पार्टी तृणमूल कांग्रस और द्रमुक को कौन-कौन से मंत्रालय दिए जाएं। तृणमूल कांग्रस की अध्यक्ष ममता बनर्जी को मंत्रालय में शामिल होने की पूरी संभावना है। वहीं द्रमुक प्रमुख करुणाननिधि के पुत्र एमके अझगिरि के भी मंत्री बनने की पूरी संभावना है।

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